होली का त्योहार रंगों के बिना अधूरा है। फाल्गुन महीने की पूर्णिमा को होली मनाई जाती है। रंग-बिरंगे ऊर्जा से भरे इस त्योहार पर हर कोई उत्साह और उमंग में डूब जाता है। इस दिन लोग रंगों की मस्ती में सराबोर रहते हैं लेकिन होली में रंगों से खेलने से पहले जान लें कि अलग-अलग रंगों के क्या मतलब होते हैं।
पीला रंग पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। पीला रंग समृद्धि और यश को प्रदर्शित करता है। होली के दौरान वातावरण में पीले रंग की अधिकता होती है। इस मौसम में खिलने वाले अधिकतर फूलों का रंग भी पीला होता है। इसके अलावा सफेद रंग बच्चों को बेहद पसंद है। यह सभी रंगों का जनक माना जाता है।
नीला रंग
नीला रंग शांति, गंभीर और स्थिरता का संकेतक है। हालांकि होली में नीला रंग कम प्रयोग किया जाता है। लेकिन कभी-कभी नीले रंग के गुलाल और अबीर देखे जाते हैं। पानी और हवा का रंग नीला माना गया है। इस कारण यह प्राण और प्रकृति से जुड़ा हुआ है।
हरा रंग
हरा रंग जीवन का द्योतक है। होली के दौरान वातावरण में चारो ओर हरे रंग का नजारा होता है, जो नए जीवन के शुरुआत का संकेत देता है। यानी कि होली का हरा रंग हर व्यक्ति को एक बार फिर अपने में नए जीवन के संचार की प्रेरणा देता है।
लाल रंग
होली के खास मौके पर अधिकांश लोग लाल रंग का इस्तेमाल करते हैं। लाल रंग उल्लास और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। हम सभी लोग लाल रंग का इस्तेमाल शुभ अवसरों पर करते हैं। लाल रंग अग्नि, ऊर्जा और जोश का भी प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा कुछ लोग होली खेलने के दौरान काले रंग का इस्तेमाल करते हैं। काला रंग अंतरिक्ष का प्रतीक माना जाता है।