Side Effect Of Nail Paint: हमेशा नेल पॉलिश लगाने की आदत भले ही फैशन और पर्सनैलिटी को निखारे, लेकिन अगर आप अपने नाखूनों का लंबे समय तक स्वास्थ्य बनाए रखना चाहती हैं, तो समय-समय पर उन्हें “सांस लेने” का मौका जरूर दें।
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Nail Care: खूबसूरती के चक्कर में नाखूनों का कबाड़ा! नेल पॉलिश के ये दुष्प्रभाव जानकर दंग रह जाएंगे
Tue, 12 Aug 2025 09:23 AM IST
श्रुति गौड़
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रुति गौड़
Updated Tue, 12 Aug 2025 09:23 AM IST
सार
Side Effect Of Nail Paint: अगर आप भी अपने नाखूनों को खूबसूरत दिखाने के लिए हमेशा नेल पॉलिश लगाकर रखती हैं, तो ये लेख आपके लिए ही है।
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खूबसूरती के चक्कर में नाखूनों का कबाड़ा! नेल पॉलिश के ये दुष्प्रभाव जानकर दंग रह जाएंगे
- फोटो : Adobe stock
नाखूनों का पीला पड़ना
- फोटो : instagram
नाखूनों का पीला पड़ना
लगातार नेल पॉलिश लगाने से नाखूनों का प्राकृतिक रंग फीका पड़ने लगता है और उनमें पीलापन आ सकता है। इसका कारण है पॉलिश में मौजूद डाई और पिगमेंट, जो नाखून की ऊपरी परत में जम जाते हैं। अगर बिना ब्रेक के बार-बार पॉलिश बदली जाए, तो ये पीलापन स्थायी भी हो सकता है।
लगातार नेल पॉलिश लगाने से नाखूनों का प्राकृतिक रंग फीका पड़ने लगता है और उनमें पीलापन आ सकता है। इसका कारण है पॉलिश में मौजूद डाई और पिगमेंट, जो नाखून की ऊपरी परत में जम जाते हैं। अगर बिना ब्रेक के बार-बार पॉलिश बदली जाए, तो ये पीलापन स्थायी भी हो सकता है।
नाखूनों का पतला और कमजोर होना
- फोटो : instagram
नाखूनों का पतला और कमजोर होना
नेल पॉलिश रिमूवर में इस्तेमाल होने वाला एसीटोन नाखूनों की नमी को सोख लेता है, जिससे वे कमजोर, पतले और आसानी से टूटने वाले हो जाते हैं। लगातार पॉलिश और रिमूवर का इस्तेमाल करने से नाखून अपनी मजबूती और लचीलापन खो देते हैं।
नेल पॉलिश रिमूवर में इस्तेमाल होने वाला एसीटोन नाखूनों की नमी को सोख लेता है, जिससे वे कमजोर, पतले और आसानी से टूटने वाले हो जाते हैं। लगातार पॉलिश और रिमूवर का इस्तेमाल करने से नाखून अपनी मजबूती और लचीलापन खो देते हैं।
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फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा
- फोटो : instagram
फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा
जब नाखून लंबे समय तक पॉलिश की परत से ढके रहते हैं, तो उनकी सतह पर हवा और नमी का संतुलन बिगड़ जाता है। ये बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बना देता है। खासकर अगर पॉलिश के नीचे नाखून में हल्की-सी भी दरार या चोट हो, तो इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
जब नाखून लंबे समय तक पॉलिश की परत से ढके रहते हैं, तो उनकी सतह पर हवा और नमी का संतुलन बिगड़ जाता है। ये बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बना देता है। खासकर अगर पॉलिश के नीचे नाखून में हल्की-सी भी दरार या चोट हो, तो इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
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त्वचा पर एलर्जी और जलन
- फोटो : instagram
त्वचा पर एलर्जी और जलन
नेल पॉलिश में मौजूद केमिकल्स जैसे फॉर्मल्डिहाइड, टोल्यून और डिब्यूटिल फ्थालेट (DBP) कई बार त्वचा और क्यूटिकल्स में एलर्जिक रिएक्शन पैदा कर सकते हैं। इससे लालिमा, जलन, खुजली और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
नेल पॉलिश में मौजूद केमिकल्स जैसे फॉर्मल्डिहाइड, टोल्यून और डिब्यूटिल फ्थालेट (DBP) कई बार त्वचा और क्यूटिकल्स में एलर्जिक रिएक्शन पैदा कर सकते हैं। इससे लालिमा, जलन, खुजली और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।