रंगमंच एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिए हिंदी सिनेमा में कई दिग्गज कलाकारों ने कदम रखा और रंगमंच से आकर फिल्मों में शीर्ष पर पहुंचे। व्यावसायिक रूप से हिंदी नाटक भले ही सफल ना रहे हो, लेकिन एक कलाकार को थियेटर में अभिनय करके जो संतुष्टि मिलती है, वह फिल्मों में नहीं मिलती है। वही वजह है कि हिंदी सिनेमा के तमाम दिग्गज अभिनेता फिल्मों में व्यस्त रहने के बावजूद थियेटर के लिए समय निकाल ही लेते हैं। मुंबई में थियेटर कलाकारों के लिए नए साल में सबसे बड़ी सौगात मिलने जा रहा है। मुंबई के अंधेरी पश्चिम में वेद फैक्ट्री द्वारा कुनबा थियेटर का उद्घाटन हुआ, जहां हिंदी सिनेमा के कई दिग्गज सितारों ने रंगमंच से जुड़े अपने अनुभव शेयर किए।
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वेदा कुनबा थिएटर के लॉन्च में प्रतीक गांधी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
वेदा कुनबा थियेटर नए कलाकारों को खोज करने उनके साथ अभिनय के नए-नए पहलुओं पर काम करने और अधिक से अधिक नाटकों के निर्माण करने की पूरी आजादी देता हैं जिसे पूरी तरह से नवीन तकनीक, ध्वनिकी और प्रकाश व्यवस्था के साथ डिजाइन किया गया। कुनबा थियेटर का उद्घाटन का उद्घाटन प्रसिद्ध रंगकर्मी और अभिनेता मकरंद देशपांडे के नाटक 'सर सर सरला' के साथ हुआ। इस अवसर पर परेश रावल, पीयूष मिश्रा, कुमुद मिश्रा, प्रतीक गांधी,दीपक डोबरियाल,संपत सिंह राठौर, टीना घई,मकरंद देशपांडे जैसे हिंदी सिनेमा के दिग्गज सितारे मौजूद रहे।
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दीपक डोबरियाल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
मुंबई में जब भी रंगमंच की बात आती है तो सबसे पहले पृथ्वी थियेटर का ही नाम आता है। पृथ्वी थियेटर से सिनेमा के कई दिग्गज सितारे निकल कर फिल्मों में काम कर रहे हैं। इस अवसर पर मकरंद देशपांडे ने कहा, 'वेदा कुनबा थिएटर कलाकारों के लिए एक नया आंदोलन लाएगा। यह मुंबई में थिएटर स्थानों की कमी को पूरा करेगा।' अभिनेता परेश रावल ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं। वेदा कुनबा थिएटर के आने से मुझे बेहद खुशी हैं। अब नाटकों का समर्थन करना दर्शकों पर निर्भर है।'
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कुमुद मिश्रा
- फोटो : सोशल मीडिया
अभिनेता और रंगकर्मी पीयूष मिश्रा ने कहा, 'थिएटर कलाकार, निर्देशक और उत्साही लोग इस तरह की जगह चाहते रहे हैं। यह एक बहुत अच्छी शुरुआत है। इससे थियेटर से जुड़े कलाकारों को एक मंच मिलेगा।' अभिनेता प्रतीक गांधी ने कहा, 'जब मुझे मौका मिलता है, मैं नाटक करता हूं। थियेटर के लिए जिस तरह का माहौल होना चाहिए, उसके लिए कुनबा थियेटर का माहौल बहुत पसंद आया हैं।' अभिनेता दीपक डोबरियाल ने कहा, 'वेदा कुनबा थिएटर अपने साथ एक नई सोच, एक नया स्थान, एक नया आंदोलन लेकर आया है।'