अभिनेता वरुण शर्मा ने बॉलीवुड की कई फिल्मों में काम किया है। इन दिनों वे फिल्म ‘द गारफील्ड’ को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। अभिनेता ने फिल्म के हिंदी संस्करण में अपनी आवाज दी है। इस फिल्म को लेकर वे बेहद उत्साहित हैं। फिल्म की रिलीज से पहले वरुण शर्मा ने अमर उजाला के खास कार्यक्रम शुक्ल पक्ष के साथ बातचीत की है। इस दौरान अभिनेता ने गारफील्ड से जुड़े कुछ मजेदार किस्से साझा किए हैं।
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वरुण शर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
वरुण शर्मा ने बातचीत के दौरान बताया कि मैं बचपन से गारफिल्ड को पढ़ता हुआ आया हूं। स्कूल जाने से पहले जब हम अखबार खोलते थे, तो उसमें गारफिल्ड की चार-पांच तस्वीरें होती थीं और एक स्टोरीलाइन लिखी होती थी। फिर अगले दिन का इंतजार होता था कि आज क्या लिखा आएगा। तो गारफिल्ड के साथ मेरी बहुत पुरानी यादें हैं। मुझे पता नहीं था कि बड़े होकर इसी की आवाज बनने का मौका मिलेगा। तो सोनी पिक्चर्स का मैं बहुत शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने भारत में हिंदी में मुझे गारफील्ड की आवाज बनने का मौका दिया।
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द गारफील्ड
- फोटो : इंस्टाग्राम
उन्होंने बताया कि वे काफी पेट फ्रेंडली हैं। वरुण ने कहा कि मेरी हर छुट्टियां मेरे नाना-नानी के घर होती थीं, उनके घर पर काफी पेट्स रहे हैं। हालांकि जब मैं छोटा था, तो एक डॉग ने मुझे काटा था। तब मुझे बहुत इंजेक्शन लगे थे। गलती मेरी थी कि मुझे उन्हें छेड़ना नहीं चाहिए था। उन्होंने कहा कि काम थोड़ा चैलेंजिंग था, लेकिन काफी मजेदार था। उन्होंने कहा कि गारफील्ड और मुझे में एक चीज कॉमन है कि हम दोनों बहुत बातूनी हैं। इसके अलावा वो बिना सोचे समझे बोल देता है। मेरे साथ भी कई बार ऐसा होता है कि मैं ज्यादा दिमाग नहीं लगाता, जो मन में होता है बोल देता हूं।
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वरुण शर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
वरुण ने कहा कि ‘द गारफील्ड’ करने के बाद उनकी बिल्लियों की तरफ काफी नजरिया बदला है। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा से बहुत डॉग फ्रेंडली रहा हूं। मुंबई में मेरे बहुत से दोस्त हैं, जिनके घर बिल्लियां हैं। क्योंकि मैं पंजाब में रहा हूं तो वहां घर पर इतनी बिल्लियां नहीं हैं। मुंबई में ज्यादा होती हैं। ऋचा चड्ढा और अली फजल के घर जाओ, तो उनके यहां पर बिल्लियां हैं। ऐसे ही कई सारे दोस्त हैं। उन्होंने कहा वे पहले बिल्लियों से डरते थे कि कहीं पंजा मार दे। उन्होंने कहा कि मैं पहली बार किसी दूसरे कैरेक्टर के लिए डबिंग कर रहा हूं। तो ये काफी चैलेंजिंग था। उन्होंने बताया कि इससे उन्हें काफी नई चीजें सीखने को मिली हैं।
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वरुण शर्मा
- फोटो : इंस्टाग्राम
वरुण शर्मा ने कहा कि एनीमेशन डबिंग आसान नहीं है, लोगों को लगता है कि बहुत मजे किए होंगे, लेकिन ये बहुत मुश्किल है। कुछ शब्द होते हैं, जो मुश्किल होते हैं, क्योंकि डायलॉग नहीं हैं, आपको बैठाने होते हैं। अंग्रेजी से हिंदी में ट्रांसलेट करने पर उनके चार शब्द हमारे आठ बन जाते हैं। या फिर उनके 10 शब्द हमारे पांच में ही खत्म हो जाते हैं। तो उस हिसाब से बैलेंस करना होता है। क्योंकि स्टोरी लाइन उनके हिसाब से लिखी गई है। वरुण ने कहा कि गारफील्ड और टॉम एंड जेरी मुझे शुरू से बहुत पसंद रहे हैं।