जी टीवी के 'इश्क सुभान अल्लाह' के कबीर यानी अदनान खान कहते हैं, 'निजी तौर पर मैं यह मानता हूं कि हमें फ्रेंडशिप डे मनाने के लिए किसी खास दिन की जरूरत नहीं है । हमें अपने दोस्तों को य बताने के लिए किसी रिमाइंडर की जरूरत नहीं कि हमारे लिए वो खास हैं और हम ऐसे दोस्त पाकर धन्य हो गए । इत्तेफाक से मेरा ऑफ स्क्रीन और ऑन स्क्रीन बेस्ट फ्रेंड आशुतोष सेमवाल है । जो इस शो खास किरदार निभा रहा है । वो मुझे बहुत अच्छे से जानता है । यहां तक कि वो मेरा दिमाग भी पढ़ सकता है । ऐसा कई बार हुआ है जब वो समझ गया कि मेरे अंदर क्या चल रहा है।'
ये टीवी स्टार्स नहीं मनाना चाहते फ्रेंडशिप डे, दोस्तों को इस तरह से दिया मैसेज
जी टीवी के 'कुंडली भाग्य' के ऋषभ लुथरा यानी मनित जौरा कहते हैं, 'दाेस्त हमेशा ही बहुत खास होते हैं, क्योंकि आपको उन्हें चुनने का अधिकार होता है। सेट पर मेरी सभी से बहुत अच्छी बनती है, लेकिन मेरे को-स्टार्स धीरज धूपर और श्रद्धा आर्य मेरे सबसे ज्यादा करीब हैं। धीरज एक दोस्त की तरह हैं और हमारे बीच बहुत गहरी समझ है। हमारे दृश्यों में हम एक दूसरे की मदद करते हैं। दूसरी ओर, श्रद्धा मेरा सबसे बड़ा सपोर्ट हैं। हम लोगों में बहुत सारी बातें एक जैसी हैं। हम लोग ठेठ पंजाबी हैं और हम सभी को यात्रा करने का बेहद जुनून है और हम इसके बारे में लगातार बात करते रहते हैं। ऐसे शानदार दोस्त बहुत मुश्किल से मिलते हैं। मैं खुद को खुशनसीब मानता हूं कि मुझे ये दोनों मिले।'
जी टीवी के ‘इश्क सुभान अल्लाह‘ की ज़ीनत उर्फ मोनिका खन्ना कहती हैं, ‘‘हमें दोस्ती का जश्न मनाने के लिए किसी खास दिन की जरूरत नहीं है। दोस्त हमारे लिए बहुत खास होते हैं, क्योंकि ये हमारे अंदर की पॉजिटिविटी और उत्साह बाहर लाते हैं। कई बार तो ये आपके भीतर आत्मविश्वास जगाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। दोस्त आपको आपकी ताकत, आपके सपनों और आपकी क्षमताओं के बारे में याद दिलाते हैं। ये दोस्त ही होते हैं जो आपको तब सही राह पर लाते हैं, जब आप कुछ गलत करते हैं। सच्चे दोस्त हमेशा आपकी खुशियों में आपके साथ खड़े रहते हैं और आपको अंधेरे से बाहर निकालते हैं। इसलिए मैं मानता हूं कि जब हम हर दिन दोस्ती का आनंद ले सकते हैं तो फिर भला सिर्फ फ्रेंडशिप डे पर इस रिश्ते का जश्न क्यों मनाएं?'
‘ये तेरी गलियां‘ की पुचकी उर्फ वृषिका मेहता कहती हैं, ‘‘मेरी जिंदगी में दोस्ती सबसे महत्वपूर्ण है। हालांकि मेरे कुछ ही दोस्त हैं लेकिन वे पक्के हैं, और सच्चे एवं ईमानदार हैं। मैं अपनी जिंदगी में उन्हें पाकर बहुत खुश हूं और इसे लेकर खुद को खुशनसीब मानती हूं। मुझे अपने स्कूल के दिनों की याद आती है, जब एक-दूसरे को फ्रेंडशिप बैंड बांधने का खूब चलन था। जिसके पास सबसे ज्यादा फ्रेंडशिप बैंड होते थे, उसे क्लास का सबसे कूल स्टूडेंट माना जाता था। इस फ्रेंडशिप डे पर मैं अपने दोस्तों के साथ डिनर पर
जाने वाली हूं।‘‘