अगर आपको फोन पर, एसएमएस या ईमेल पर कर्ज उपलब्ध कराने का लालच देता है, तो सतर्क हो जाएं। ऐसे किसी लेनदेन के लिए अगर कोई दबाव बनाता है तो ये आपके साथ आर्थिक धोखाधड़ी के लिए बिछाया जा रहा जाल हो सकता है। अगर आप ऐसे किसी जाल में फंस चुके हैं तो समय रहते नजदीकी पुलिस थाने जाएं और कंपनी की पूरी जानकारी उन्हें दें। ऐसा इसलिए जरूरी है क्योंकि लोकप्रिय धारावाहिक 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के लेखकों में से एक अभिषेक मकवाना की जान ऐसे ही एक जाल में फंसकर जा चुकी है।
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तारक मेहता का उल्टा चश्मा
- फोटो : instagram: amitbhattmkoc
अभिषेक मकवाना की कथित आत्महत्या मामले में एक नई बात पता चली है। अभिषेक ने अपने सुसाइड नोट में आर्थिक समस्या से जूझते रहने की बात तो कही थी लेकिन अब सामने आया है कि अभिषेक लोन देने वाली कुछ जालसाज कंपनियों के चंगुल में भी फंसे हुए थे। वह कंपनियां उन्हें लगातार अपने पैसे चुकाने के लिए दबाव डाल रही थीं और अभिषेक की मौत की भी यही वजह बनी।
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- फोटो : सब टीवी
अभिषेक मकवाना के भाई जेनिस ने खुलासा किया है कि अभिषेक कुछ आर्थिक रूप से जालसाजी के मामले में फंसे हुए थे। जेनिस ने अभिषेक के ईमेल देखे हैं जिसमें उन्हें एक एप से कुछ लोन लेने की जानकारी मिली है। जेनिस के अनुसार अभिषेक की मौत के बाद कई लोगों के फोन उनके पास आए और उन्होंने जेनिस से बकाया पैसा चुकाने की बात कही। ऐसा न करने पर उन्होंने जेनिस के साथ अशिष्ट भाषा में बात भी की।
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- फोटो : ट्विटर
यह घटना बीते शुक्रवार यानी 27 नवंबर की है जब पुलिस को अभिषेक का शव कांदिवली स्थित उनके घर में लटका हुआ पाया। मौके पर पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ जिसमें अभिषेक ने आर्थिक समस्या से जूझने की बात का खुलासा किया। इसके बाद अभिषेक के परिवारीजनों के बयान भी पुलिस ने दर्ज किए। जेनिस ने बताया है कि जब अभिषेक की मौत हुई उस वक्त वह अहमदाबाद में थे। तब तो उन्हें कुछ पता भी नहीं चला लेकिन बाद में जब उनको लोन से संबंधित पैसा चुकाने के कुछ फोन आने लगे तो उन्हें अभिषेक से इस आर्थिक मामले में फंसने का अंदेशा हुआ।
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- फोटो : Twitter
जेनिस ने बताया कि फोन करने वाले लोगों को जब उन्होंने अभिषेक के गुजर जाने की बात कही तो लोग उनसे गालियां देकर बात करने लगे। जेनिस ने कहा कि फोन पर जब लोगों से अभिषेक को लेकर इस तरह की बातें हो रही थी तो उन्होंने अपने भाई का ईमेल देखा। जेनिस को ये फोन बांग्लादेश, म्यांमार और देश के अलग-अलग राज्यों में पंजीकृत किए गए नंबरों से फोन आ रहे थे। ई-मेल से जेनिस को जानकारी मिली कि उनके भाई अभिषेक ने एक एप से एक छोटा सा लोन लिया था जो भारी ब्याज लगा रहा था।