दुनिया को अलविदा कह चुके हैं 'रामायण' के ये कलाकार, ट्रेन हादसे में गई थी 'विभीषण' की जान
मुकेश रावल (विभीषण)
रावण के संहार में अहम भूमिका निभाने वाले उनके भाई विभीषण का किरदार मुकेश रावल ने निभाया था। आज भी लोगों के जहन में उनकी सज्जनता से भरी अदाकारी और वक्त वक्त पर श्रीराम को परामर्श देने वाले दृश्य कैद हैं। रामायण उनके करियर का सबसे महत्वपूर्ण शो रहा। इसके अलावा मुकेश हिंदी और गुजराती सिनेमा जगत में भी सक्रिय रहें। उनकी मौत बहुत ही दुखद रही। साल 2016 में ट्रेन से कटकर उनकी मृत्यु हुई। जानकारी के अनुसार वह अपने बेटे की मौत के सदमे से जूझ रहे थे।
दारा सिंह (हनुमान)
दारा सिंह का निभाया पवनपुत्र हनुमान का किरदार आखिर कौन भूल सकता है। आज भी हनुमान का किरदार उनसे बेहतर कोई भी नहीं निभा पाया। उन्होंने अपने जोरदार अभिनय से सभी का दिल जीत लिया था। रामायण के बाद भी उन्होंने कुछ शोज में हनुमान का किरदार निभाया। उनकी शोहरत इस मुकाम पर पहुंच गई कि लोग उन्हें असल में राम भक्त हनुमान के तौर पर पूजने लगे थे। उनका निधन 12 जुलाई 2012 को हुआ। अपने आखिरी वक्त में भी उन्होंने अपने बेटे विंदु दारा सिंह से रामायण देखने की ही इच्छा प्रकट की थी।
ललिता पवार (मंथरा)
आज भी जब किसी को भड़काने का उदाहरण दिया जाता है तो रानी कैकेयी की दासी मंथरा का नाम लिया जाता है। रामायण में यह किरदार अभिनेत्री ललिता पवार ने निभाया था। उनक किरदार इतना प्रभावी था कि असल में लोग मंथरा से नफरत करने लगे थे। ललिता पवार की मृत्यु 24 फरवरी 1998 को हो गई थी। वह आज भी हिंदी सिनेमा जगत में जबरदस्त खलनायिका के तौर पर पहचानी जाती हैं। साल 1944 में फिल्म जगत में डेब्यू करने वालीं ललिता के नाम दर्जनों फिल्में दर्ज हैं।
विजय अरोड़ा (मेघनाद)
राम और रावण के युद्ध में एक वक्त ऐसा आया था जब रावण के पुत्र मेघनाद ने लक्ष्मण को घायल कर राम की चिंता बढ़ा दी थी। रामायण में यह किरदार विजय अरोड़ा ने निभाया। उन्होंने आशा पारेख से लेकर जीनत अमान, जया भादुड़ी, वहीदा रहमान, शबाना आजमी, तनुजा, परवीन बॉबी और मौसमी चटर्जी जैसी अभिनेत्रियों के साथ काम किया और तमाम गुजराती और हिंदी नाटकों में भी काम किया। उन्होंने अपने करियर में 110 फिल्मों और करीब 500 से अधिक सीरियल्स में काम किया। साल 2007 में पेट के कैंसर के चलते वह दुनिया को अलविदा कह गए।