पॉपुलर गेम रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के 13वें सीजन की आज से शुरुआत हो चुकी है। यह शो सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे से सोनी टीवी पर टेलीकास्ट होगा। इस शो में हर कंटेस्टेंट करोड़पति बनने की उम्मीद लिए अमिताभ बच्चन के सामने हॉटसीट में बैठता है।
5 करोड़ जीतने वाले सुशील कुमार को करना पड़ा था दिक्कतों का सामना, बिजनेस में घाटे के बाद लगी शराब-सिगरेट की लत
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बिना अनुभव के शुरू किया बिजनेस, हुआ घाटा
पिछले साल सुशील कुमार ने फेसबुक के जरिए जीवन के सबसे बुरे दौर की कहानी सुनाई। उन्होंने लिखा, 'साल 2015-16 का समय मेरे जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण समय था। एक लोकल सेलिब्रिटी होने की वजह से मुझे महीने में 10-15 दिनों तक बिहार में कार्यक्रमों में शामिल होना पड़ता था। इसके चलते मैं पढ़ाई से धीरे-धीरे दूर हो गए। मैं मीडिया को लेकर काफी सीरियस था, इसलिए मैं बिना अनुभव के ही नए- नए बिजनेस करता था, जिससे मीडिया को बता सकूं कि मैं बेकार नहीं हूं। लेकिन इसका परिणाम यह होता कि बिजनेस कुछ दिनों में डूब जाता था।'
हर महीने 50 हजार रुपए डोनेशन में जाते थे
सुशील ने आगे बताया कि, केबीसी जीतने के बाद उन्हें डोनेशन का चस्का लग गया था। इसके चलते वह हर महीने 50 हजार से ज्यादा रुपए डोनेशन में दे देते थे। लेकिन उन्हें बाद में यह पता चला कि दान के नाम पर कुछ चालू लोगों ने उनके साथ ठगी की है।
पत्नी के साथ भी खराब हो रहे थे संबंध
केबीसी-5 विनर कहते हैं कि, "मेरे और पत्नी के रिश्ते भी धीरे- धीरे खराब होते जा रहे थे। वह अक्सर कहा करती थी कि मुझे लोगों की पहचान नहीं है और भविष्य की कोई चिंता नहीं है। यह सुनकर मुझे लगता था कि वो मुझे समझती नहीं और इस कारण दोनों में काफी झगड़े होते थे।"
दिल्ली में शुरू किया कैब बिजनेस
सुशील आगे लिखते हैं कि, "इस दौरान कुछ अच्छा भी हुआ। उन्होंने दिल्ली में अपने दोस्त के साथ मिलकर किराए पर कुछ कार चलवाना शुरू की। इस काम से उन्हें महीने में कुछ दिनों के लिए दिल्ली आना होता था। इस दौरान उनकी पहचान JNU के स्टूडेंट्स से हुई, जिसके बाद उन्हें यह अहसास हुआ कि वह कुएं के मेंढक हैं, जिसे बहुत सारी बातों की जानकारी नहीं थी।"
ऐसे आई कंगाल होने की खबर
अपनी कंगाली के बारे में सुशील बताते हैं कि एक दिन पत्नी से झगड़े के बाद वह टहल रहे थे। इसी बीच अंग्रेजी अखबार के पत्रकार का फोन आया। कुछ देर अच्छे से बात करने के बाद उन्होंने कुछ ऐसा पूछा जिससे मैं चिढ़ गया। मैंने जवाब देते हुए कहा कि मेरे सभी पैसे खत्म हो गए हैं। अब दो गाय पाली हैं, जिनका दूध बेचकर गुजारा कर रहा हूं। इस खबर के बाद जो हुआ उससे सभी वाकिफ हैं।"
डायरेक्टर बनने मुंबई भी गया:सुशील
इस खबर का असर यूं हुआ कि चालू लोगों ने मुझसे किनारा करना शुरू कर दिया। मुझे प्रोग्रामों में बुलाना तक बंद कर दिया। मैं सभी अवॉर्ड विनिंग फिल्में देखता था, जिससे मुझे डायरेक्टर बनने का मन हुआ और मैं मुंबई आ गया। यहां एक दोस्त ने मुझे टीवी के प्रोडक्शन हाउस में काम दिलवाया। लेकिन मैं इससे बहुत जल्दी बोर हो गया और वापस घर आ गया।"
मुबंई से वापस लौटने के बाद मैं दिनभर सिगरेट पीता था। मुझे अहसास हुआ कि मैं मुंबई कोई डायरेक्टर बनने नहीं, बल्कि सच्चाई से भागने के लिए गया था। मुझे तब समझ आया कि असली खुशी अपने मन का काम करने में है। घमंड को कभी शांत नहीं किया जा सकता। ऐसे में बड़े होने से कई गुना ठीक है, एक अच्छा इंसान होना।"