टीवी और फिल्मों की दुनिया बेशक एक काल्पनिक दुनिया है लेकिन वहां भी वह सब होता है जो कभी ना कभी लोगों की असल जिंदगी में भी घटता है। चाहे वह होनी- अनहोनी हो या फिर किसी भी तरह के खुशियां मनाने वाले कोई तीज और त्योहार। अक्सर धारावाहिकों में पारिवारिक लड़ाई- झगड़े और प्यार तकरार के अलावा होली, दीवाली, ईद और दशहरा भी मनाए जाते हैं। इन्हीं सब त्यौहारों में आज है 'गुरु पूर्णिमा'।
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जगन्नाथ निवानगुणे
- फोटो : अमर उजाला मुंबई
चूंकि पिछले लगभग तीन महीने से लॉकडाउन होने की वजह से शूटिंग बंद थीं इसलिए टीवी पर तो नहीं लेकिन टीवी के कलाकार असल जिंदगी में गुरु पूर्णिमा मना रहे हैं। धारावाहिक 'एक महानायक डॉ. बी आर अंबेडकर' में रामजी सकपाल की भूमिका निभा रहे अभिनेता जगन्नाथ निवानगुणे ने बाबासाहेब के जीवन में उनके शिक्षक के योगदान के बारे में बताया है।
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जगन्नाथ निवानगुणे
- फोटो : अमर उजाला मुंबई
अभिनेता जगन्नाथ निवानगुणे ने कहा, 'शिक्षक को गुरु भी कहा जाता है और वही आपको जीवन की विभिन्न अवस्थाओं का सामना करने के लिए तैयार करता है। बाबा साहेब का सौभाग्य था कि उन्हें गुरु के रूप में कृष्ण केशव अंबेडकर मिले जिन्होंने यह जाना कि बाबासाहेब एक अच्छे विद्यार्थी हैं। फिर आगे के लिए उनका मार्गदर्शन किया। बाबा साहेब महत्वकांक्षी थे और ज्यादा से ज्यादा सीखने की इच्छा रखते थे। अन्य विद्यार्थी उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते थे। इसके बावजूद बाबा साहेब ने बड़ी गंभीरता और लगन से पढ़ाई की। उनकी प्रतिभा और ज्यादा से ज्यादा सीखने की भूख से प्रसन्न होकर उनके शिक्षक कृष्ण केशव अंबेडकर ने उनका सरनेम बदलकर अंबेडकर रख दिया।'
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मेरे डैड की दुल्हन स्टारकास्ट
- फोटो : amar ujala mumbai
उधर टीवी के एक और धारावाहिक 'मेरे डैड की दुल्हन' की अभिनेत्री अंजली तत्रारी इस धारावाहिक के मुख्य अभिनेता वरुण बडोला को अपना गुरु मानती हैं। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पर उनके प्रति आभार जताते हुए अंजली ने कहा, 'मैं शुक्रगुजार हूं कि मुझे अपने पहले ही शो में वरुण सर के साथ पर्दे पर आने का मौका मिला। मुझे उनके रूप में न सिर्फ एक पिता मिला, बल्कि एक मेंटर भी मिला।'
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अंजली तत्रारी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अंजली ने आगे कहा, उन्होंने शुरुआत से इस शो के हर सीन में मेरी मदद की है। मैं आगे भी उनसे काफी कुछ सीखते रहूंगी। एक अनुभवी कलाकार होने के नाते उन्होंने हर संभव तरीके से एक अभिनेता के रूप में आगे बढ़ने में मेरी मदद की है। यह सारी सीख मेरे लिए अनमोल है। वरुण सर सिर्फ पर्दे पर मेरे पिता नहीं हैं, बल्कि वह सही मायनों में मेरे गुरु हैं।'