भारतीय टेलीविजन पर प्रसारित होने वाले रियलिटी शोज पर देसी संस्कृति की अनदेखी करने के अक्सर लगने वाले आरोपों पर गीता मां के नाम से मशहूर रहीं कोरियोग्राफर गीता कपूर ने बड़ा बयान दिया है। एक नए डांस रियलिटी शो की मुंबई में लॉन्चिंग के मौके पर गीता कपूर ने कहा कि अगर भारतीय टेलीविजन पर पश्चिमी नृत्य संगीत का प्रचार प्रसार बढ़ा है तो इसके लिए सीधे तौर पर भारतीय मनोरंजन टेलीविजन के दर्शक ही जिम्मेदार हैं।
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India's Best Dancer
- फोटो : Amar Ujala, Mumbai
नए डांस रियलिटी शो इंडियाज बेस्ट डांसर की जज गीता कपूर का कहना है कि अब कुछ ही लोग बचे हुए हैं जो अब भी अपनी संस्कृति को बचाने में जुटे हुए हैं। भारत की जनता तो चाहती ही नहीं कि उनका संगीत और संस्कृति देश के बाहर भी सराहा जाए। कोरियोग्राफर गीता कपूर 29 फरवरी से शुरू होने वाले डांस रियलिटी शो इंडियाज बेस्ट डांसर के जज पैनल का हिस्सा हैं। शो में गीता के अलावा कोरियोग्राफर टेरेंस लुईस और हिंदी सिनेमा की अभिनेत्री और कुशल नर्तकी मलाइका अरोड़ा भी जज पैनल का हिस्सा हैं।
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- फोटो : Amar Ujala, Mumbai
शो के प्रोमो लॉन्च की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल के जवाब में गीता कपूर कहा, 'हमें भारतीय संस्कृति की कद्र है इसलिए हम नृत्य में नयापन खोज रहे हैं। आजकल डांस में भावनाएं कम और स्टंट ज्यादा हो गए हैं, और हम भावनाओं को बचाने की पूरी कोशिश करते हैं।' इन दिनों हर रियलिटी शो के विजेता का चुनाव शो के जजों के साथ जनता के वोटों से भी होता है।
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- फोटो : Amar Ujala, Mumbai
गीता कपूर ने जनता की पसंद की यानी उनके मतदान का संदर्भ देकर कहा, 'शो में प्रतियोगी जब तक हमारे निर्णय के अनुसार आगे बढ़ता है, तब तक हम उसे बचाते हैं। लेकिन जैसे ही वोटिंग लाइन जनता के लिए खोली जाती हैं, सबसे पहले क्लासिक डांसर ही बाहर होते हैं। इसमें हमारा दोष कहां है? जनता को ही पसंद नहीं है कि उनकी संस्कृति को बढ़ावा मिले।'
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