टेलीविजन के पॉपुलर शो 'बालिका वधू' में आनंदी का किरदार निभाकर हर घर में अपनी पहचान बनाने वाली प्रत्युषा बनर्जी की 1 अप्रैल को पुण्यतिथि है। प्रत्युषा बनर्जी ने मजह 24 साल की उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने एक अप्रैल 2016 को अपने कमरे में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। प्रत्युषा की मौत की खबर से पूरी टेलीविजन इंडस्ट्री सकते में आ गई थी। उनके निधन की वजह प्यार में मिला धोखा था। खबरों की मानें तो वह अपनी निजी जिंदगी में काफी परेशान थीं।
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प्रत्युषा बनर्जी
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रत्युषा बनर्जी का जन्म जमशेदपुर के सोनारी में 10 अगस्त 1991 को एक बंगाली परिवार में हुआ था। उनके पिता शंकर बनर्जी अपना एक एनजीओ चलाते हैं। प्रत्युषा साल 2010 में जमशेदपुर को छोड़कर मायानगरी में अपनी किस्मत आजमाने आ गई थीं। वह सफल भी रहीं और उन्होंने 2010 में टेलीविजन शो 'रक्त संबंध' से अपना डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' में भी काम किया, लेकिन उन्हें पहचान 'बालिका वधू' ने दिलाई।
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प्रत्युषा बनर्जी
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रत्युषा रियलिटी शो 'झलक दिखला जा 5' और 'बिग बॉस 7' में भी नजर आईं। उन्होंने 'ससुराल सिमर का', 'कॉमेडी क्लासेज', 'आहट' और 'सावधान इंडिया' में भी काम किया। ये कहना गलत नहीं होगी कि प्रत्युषा ने अपने छह साल के करियर में ही बड़ी उपलब्धियां हासिल कर ली थीं। 2016 में जब प्रत्युषा की मौत की खबर आई, तो किसी को विश्वास नहीं हुआ कि वह अपने करियर में ऊंचाइयों पर पहुंचकर आत्महत्या कर सकती हैं।
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प्रत्युषा बनर्जी, राहुल राज सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रत्युषा राहुल राज से शादी करने वाली थीं और आखिरी बार दोनों एक साथ रियलिटी शो 'पावर कपल' में साथ दिखाई दिए थे। प्रत्युषा के माता-पिता ने राहुल पर ही अत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। राहुल ने इस बात से इनकार किया और बताया कि वह एक महीने से विक्रम भट्ट की फिल्म न मिलने की वजह से तनाव में थी। हालांकि इन आरोपों के चलते राहुल को हिरासत में रहना पड़ा था।
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प्रत्युषा बनर्जी अपने माता-पिता के साथ
- फोटो : सोशल मीडिया
आपको बता दें कि जब साल 2020 में कोरोना आया तो एक बार फिर प्रत्युषा के माता-पिता सुर्खियों में आ गए। दरअसल, उस समय वह इतने बुरे दौर से गुजर रहे थे कि उनके पास अपनी बेटी की पुण्यतिथि पर एक माला खरीदने के भी पैसे नहीं थे। आज भी प्रत्युषा के माता-पिता इस उम्मीद में हैं कि उनकी बेटी की मौत के जिम्मेदार को सजा मिलेगी और उनकी बेटी को न्याय मिल पाएगा।