राम चरण की अदाकारी वाली फिल्म 'पेद्दी' की रिलीज का आज तीसरा दिन है। रिलीज के बाद से ही इस फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। इसका असर बॉक्स ऑफिस पर भी देखने को मिल रहा है। तीन दिनों में ही यह 100 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। शनिवार को इस फिल्म को वीकएंड का फायदा मिलता हुआ दिख रहा है।
2 of 5
फिल्म 'पेद्दी'
- फोटो : X
'पेद्दी' का कलेक्शन
जान्हवी कपूर की अदाकारी वाली फिल्म ‘पेद्दी’ ने तीसरे दिन खबर लिखे जाने तक 16.51 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया है। देर रात इन आंकड़ों में इजाफा हो सकता है। कल इस फिल्म ने 26.90 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। पहले दिन इस फिल्म ने 51 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। इससे पहले पेड प्रिव्यू शोज में इसने 18.50 करोड़ रुपए कमाए थे। अब तक फिल्म का कुल कलेक्शन 112.91 करोड़ रुपए हो गया है।
Peddi Movie Review: तीन घंटे में सबकुछ दिखाने के चक्कर में फंसे ‘पेद्दी’, रामचरण की मेहनत पर किसने फेरा पानी?
राम चरण की पिछली फिल्म से 'पेद्दी' का मुकाबला
राम चरण इससे पहले फिल्म 'गेम चेंजर' में नजर आ चुके हैं। तीसरे दिन इस फिल्म ने 15.90 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। 400 करोड़ रुपये में बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी। इसका टोटल कलेक्शन 195 करोड़ रुपये रहा था। फिल्म के मेकर्स को 'पेद्दी' से काफी उम्मीदें हैं। अब देखना यह है कि यह फिल्म रविवार को कितना कलेक्शन करती है और इसका टोटल कलेक्शन कितना होता है।
सिनेमाघरों में 'पेद्दी' से मुकाबला
सिनेमाघरों में फिल्म 'पेद्दी' से 'है जवानी तो इश्क होना है' टकरा गई है। 5 जून को रिलीज हुई इस फिल्म ने आज खबर लिखे जाने तक 4.19 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। 5 जून को रिलीज हुई फिल्म 'बंदर' ने सिर्फ 49 लाख रुपये का कलेक्शन किया है। इन फिल्मों के अलावा सिनेमाघरों में साउथ की फिल्में 'दृश्यम' और 'करुप्पु' भी लगी हुई हैं, जो धीमी रफ्तार से कमाई कर रही हैं। इन फिल्मों के बावजूद 'पेद्दी' अच्छा कलेक्शन कर रही है।
दिलचस्प है 'पेद्दी' की कहानी
फिल्म ‘पेद्दी’ की कहानी एक गांव के मजदूर पेद्दी (राम चरण) के इर्द-गिर्द घूमती है। पेद्दी खुद को और अपने गांव को पहचान दिलाने के लिए ऊंची जाति के लोगों से लड़ाई लड़ता है। पेद्दी कमाल का क्रिकेट खेलता है और अपने ऊपर लगने वाली बोली से पैसे कमाता है। पर एक दिन ऊंची जाति के लोग एक होकर उसे हरा देते हैं। पहचान पाने के लिए पेद्दी क्रिकेट छोड़कर, पहलवान बन जाता है, ताकि गोल्ड मेडल जीतकर पहचान हासिल कर सके। फिर सम्मान पाने के लिए पेद्दी कुछ ऐसा करता है, जो किसी ने सोचा भी नहीं होता।