आर. डी. बर्मन एक महान संगीतकार, गायक और अभिनेता थे, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अमिट छाप छोड़ी। उनके संगीत ने पीढ़ियों को प्रभावित किया और उनके गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। आर. डी. बर्मन के पिता एस. डी. बर्मन खुद एक प्रसिद्ध संगीतकार थे और उन्होंने अपने पिता से संगीत की शिक्षा प्राप्त की, उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक संगीतकार के रूप में की और उन्होंने कई हिट गाने और फिल्में बनाईं। आज संगीतकार की पुण्यतिथि पर जानते हैं, उनकी जिंदगी से जुड़े दिलचस्प किस्से।
200 तरह की मिर्चियां उगाते थे
आरडी बर्मन तीखा खाने के शौकीन थे। इसलिए उन्हें अलग-अलग तरह की मिर्चियां काफी ज्यादा पसंद थीं। यही नहीं, उनके इस शौक ने उन्हें अपने ही घर में 200 तरह की मिर्चियां उगाने पर भी मजबूर कर दिया था। मालूम हो कि दुनियाभर में कुल 400 तरह की मिर्चियां हैं। उनमें से 200 तरह की खुद आरडी बर्मन के होम गार्डन में थीं।
'पंचम दा' के नाम से क्यों पुकारे जाते थे आरडी बर्मन?
आरडी बर्मन 'पंचम दा' के नाम से भी बुलाए जाते थे। दरअसल, उन्हें यह नाम मशहूर अभिनेता अशोक कुमार ने दिया था। इसके पीछे की कहानी यह है कि आरडी बर्मन जब भी कोई धुन गुनगुनाते थे तो ज्यादातर प शब्द का इस्तेमाल करते थे। यही बात एक दिन अशोक कुमार ने भी नोटिस किया। इसके बाद उन्होंने देखा की सा रे गा मा पा में ‘प’ पांचवें नंबर पर आता है। इसके बाद अशोक कुमार ने आरडी बर्मन को पंचम कहकर बुलाना शुरू कर दिया। जो लोग उनसे छोटे थे वो लोग उन्हें 'पंचम दा' कहने लगे।
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लता मंगेशकर-आरडी बर्मन
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जिंदगी भर संभालकर रखी थीं लता मंगेशकर की चिट्ठियां
आरडी बर्मन का दिल आशा भोसले पर आ गया था, लेकिन वह उनसे छह साल छोटे थे। उस समय आशा भोसले अपने पति के गम से बाहर नहीं निकली थीं और पंचम दा ने इसमें उनकी मदद की थी और उन्हें शादी के लिए राजी कर लिया। लता मंगेशकर ने इसमें उनकी बहुत मदद की थी। जब आरडी बर्मन और आशा भोसले की शादी हुई तो पंचम दा ने लता मंगेशकर से कहा था कि दीदी हमें आपसे कोई महंगा तोहफा नहीं चाहिए। अगर आपको कुछ देना ही है तो मेरे लिए एक काउंसलिंग लेटर लिख दीजिएगा और बताइएगा कि एक शादी को सफल बनाने के लिए क्या-क्या करना चाहिए और क्या नहीं। पंचम दा ने लता मंगेशकर की उन चिट्ठियों को हमेशा संभाल कर रखा था।
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किशोर कुमार-आरडी बर्मन
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नौ साल की उम्र में किया पहला गाना कंपोज
कम ही लोग जानते हैं कि आरडी बर्मन ने बचपन में ही एक गाना कंपोज कर लिया था। कहा जाता है कि नौ साल की उम्र में 'ऐ मेरी टोपी पलट के आ जा' लिखा था, जिसे उनके पिता ने फिल्म फंटूश में इस्तेमाल किया था।