फिल्म: स्पाइडर मैन फार फ्रॉम होम
Movie Review: 'एवेंजर्स' के अगले चैप्टर का धमाकेदार आगाज, दिल जीतने में कामयाब रहा 'स्पाइडरमैन'
आयरनमैन के निधन और कैप्टन अमेरिका के रिटायरमेंट के बाद दुनिया को बचाने की जिम्मेदारी स्पाइडरमैन पर है। क्या वह अगला आयरनमैन बन पाएगा? क्या वाकई उसमें इतनी हिम्मत और काबिलियत है कि वह कैप्टन मार्वेल, थॉर और दूसरे एवेंजर्स की गैरमौजूदगी में भी इस मिशन को आगे बढ़ा सके? जवाब है, हां।
कहानी वहां से शुरू होती है जहां से गेम खत्म माना जा रहा था। अपने सुपरमैन कारनामों से थक चुका पीटर पार्कर कहीं दूर चला जाना चाहता है। अपने गाइड रहे आयरनमैन के दुख से वह ऊबर नहीं पाया है और एमजे अभी उसकी हुई नहीं है। दोस्तों के साथ वह यूरोप की ट्रिप पर है। एमजे से वह अपने दिल का हाल बताए इसी बीच हो जाता है एक नए विलेन एलीमेंटल का हमला। पीटर पार्कर को उसकी जिम्मेदारी याद दिलाते निक फ्यूरी को स्पाइडरमैन की फिल्म में देखना सुखद आश्चर्य देता है। वह अपने साथ एक और सुपरहीरो सरीखा किरदार भी लाया है, जिसके काम मिस्टीरियो जैसे ही हैं।
मिस्टीरियो की बातें पीटर पार्कर की समझ आती हैं, और वह घर से दूर होकर भी निकल पड़ता है अपनी जिम्मेदारियों को संभालने, दुनिया को बचाने की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेने। निर्देशक जॉन वाट्स ने स्पाइडरमैन की पिछली फिल्म होमकमिंग से ही अपना खाका इस किरदार को लेकर खींच रखा है। उनका स्पाइडरमैन डरा सहमा सा है। वह काम भी वैसे ही करता है जैसे 16 साल का एक बालक आम जिंदगी में करेगा। वह सुपरहीरो खुद नहीं बना, बल्कि बन गया है। उसकी अपनी उलझनें हैं।
वाट्स ने स्पाइडरमैन और मिस्टीरियो के बीच चांद की रोशनी में नए सवेरे की बातों वाले दृश्य में आने वाले दिनों की एवेंजर्स की भी भूमिका तैयार कर दी है। कोशिश पूरी इस बात की भी रही है कि आयरमैन के निधन से दुखी मार्वेल के प्रशंसकों को खूब हंसाया जाए और उन्हें बताया जाए कि परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है और उन्हें भी अब अगले फेज के लिए खुद को तैयार करना चाहिए।
पीटर पार्कर का किरदार निभा चुके कलाकारों में टॉम हॉलैंड स्पाइडमैन फार फ्रॉम होम से नंबर वन पर पहुंच गए हैं। उनकी अदाकारी उनके भोलेपन से ताकत पाती है। जेंडाया के साथ वाले दृश्यों में अगर टॉम ने कमाल किया है तो अपने दोस्त बने बैटलन के साथ उन्होंने खूब धमाल भी मचाया है। सैमुअल एल जैक्सन का गुस्सा यहां उत्प्रेरक का काम करता है।
इस वीकएंड पर परिवार के साथ ये फिल्म देखने की सारी वजहें मौजूद हैं और इन सबमें जो वजह सबसे खास है वह है बच्चों को उनकी जिम्मेदारियों का एहसास करना। फिल्म ये भी बताती है कि मुश्किलें जब काली घटा बनकर चारों तरफ से घिर आएं, तो भागना नहीं चाहिए। बारिश बस इसी के बाद होती है। अमर उजाला के मूवी रिव्यू में फिल्म स्पाइडरमैन फार फ्रॉम होम को मिलते हैं साढ़े तीन स्टार।