निर्देशकः पा. रंजीत
निर्माताः धनुष
सितारेः रजनीकांत, नाना पाटेकर, ईश्वरी राव, हुमा कुरैशी
रेटिंग ***
सिनेमाघर में फैन्स केवल रजनीकांत को देखने जाते हैं, इसलिए माना जाता है कि फिल्म तीन घंटे से लंबी होनी चाहिए। वर्ना काला को ढंग से संपादित कर दिया जाए तो यह दो घंटे में फिट हो सकती है। निर्देशक पा. रंजीत ने कहानी भी लिखी है तो वह इसमें कसावट ला सकते थे मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया। जिससे हिंदी में फिल्म का असर कम हो जाता है। दूसरी मुश्किल यह कि कहानी पूरी तरह से मुंबई के झोपड़पट्टी इलाके धारावी पर केंद्रित है।
स्थानीय नेता हरि बाबू (नाना पाटेकर) इसे साफ करके यहां इमारतें खड़ी करना चाहता है। जबकि जमीनी हालात ये हैं कि धारावी में पत्ता भी काला करिकलन (रजनीकांत) की मर्जी के बिना नहीं हिलता। यह सीधी-सरल लड़ाई है जिसमें लेखक-निर्देशक ने गरीबों के जमीन पर हक को आधार बना कर कहानी रची है। वो गरीब ही हैं जो शहरों, महानगरों में कच्ची बस्तियां बसाते हैं और जब इलाके के आस-पास विकास हो जाता है, कीमतें बढ़ जाती हैं तो अमीर और नेता कब्जे के लिए आते हैं।
फिल्म पूरी तरह से रजनीकांत की है लेकिन नाना पाटेकर जरूर कुछ दृश्य अपने हिस्से में दर्ज करा लेते हैं। वह यहां ऐसे रावण हैं, जो खुद को राम समझता है। उनकी एंट्री इंटरवेल के बाद है। नाना-रजनी की बराबरी की टक्कर के बावजूद निर्देशक दो ऐसे दृश्य रचे हैं जिनमें रजनीकांत सीधे-सीधे नाना पर भारी पड़ते हैं। एक दृश्य है जिसमें हरि बाबू काला को चेतावनी देने के लिए धारावी में उसके घर तक पहुंचता है परंतु काला की मर्जी के बगैर धारावी से बाहर नहीं निकल पाता। दूसरा दृश्य नाना के घर पर काला के पहुंचने का है।
निर्देशक पा. रंजीत ने जहां-जहां हीरो-विलेन की सीधी लड़ाई रची है, वहां फिल्म रोचक है, वर्ना कई जगह यह भी लगता है कि क्या रजनीकांत की राजनेता वाली छवि को चमकाने का प्रयास हो रहा है? हरि बाबू द्वारा काला को ट्रक एक्सिडेंट से मरवाने की कोशिश वाला सीन बेहद रोमांचक है। फिल्म टुकड़ों में प्रभाव छोड़ती है।
फिल्म की कमजोर कड़ी हुमा कुरैशी हैं। वह कहीं से सफेद दाढ़ी वाले रजनीकांत की हमउम्र या प्रेमिका नहीं लगतीं। उम्र का जबरदस्त फासला साफ दिखता है। हुमा सिंगल मदर बनी हैं और उनकी कहानी फिल्म में उभर नहीं पाती। काला से उनके प्यार की अधूरी दास्तान भी दिलकश नहीं है। काला की पत्नी के रोल में ईश्वरी राव की भूमिका बढ़िया है और वह किरदार में फिट हैं।