रेमो डिसूजा बॉलीवुड के मशहूर कोरियोग्राफर में शुमार हैं। डांस की दुनिया में इनका सिक्का चलता है, कई टीवी शोज में बतौर जज कर चुके हैं मार्गदर्शन। कोरियोग्राफर से बनें फिल्मों के डायरेक्टर, कई दिग्गज कलाकारों पर बनाई फिल्म। शाहरुख खान और आमिर खान के साथ बैकग्राउंड डांसर के रुप में काम करने वाले रेमो आज हैं करोड़ों के मालिक। जानिए इनके जन्मदिन पर कुछ दिलचस्प बातें।
Remo Dsouza Birthday: बिना किसी द्रोणाचार्य के डांस मास्टर बने रेमो डिसूजा, कभी भूखे पेट स्टेशन पर काटी रातें
Remo Dsouza Birthday Special: बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में एक शख्स आते हैं रेमो डिसूजा, जो शुरुआती दौर में शाहरुख की ‘परदेस’ जैसी फिल्मों में बतौर बैकग्राउंड डांसर नजर आए। फिर किस्मत ने करवट बदली और वह बन गए कोरियोग्राफर। कभी सपनों को पाने के लिए भूखे पेट सोना पड़ा और आज कई फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। सड़क से स्टार बने रेमो डिसूजा आज अपना 51वां जन्मदिन मना रहे हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में कुछ खास बातें।
पिता के खिलाफ जाकर चुना करियर
रेमो डिसूजा का जन्म 2 अप्रैल 1974 को बंगलूरू में एक हिंदू परिवार में हुआ था। रेमो का बचपन का नाम रमेश गोपी नायर था और उनके पिता गोपी नायर भारतीय वायुसेना में कार्यरत थे। रेमो अपने परिवार में एक बड़े भाई और चार बहनों के साथ थे। रेमो के पिता चाहते थे कि उनका बेटा भारतीय वायुसेना में शामिल हो, लेकिन डांस के जुनून ने रेमो को 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर कर दिया। फिर वह अपने सपनों के जद्दोजहद में मायानगरी मुंबई में आ गए। आर्थिक स्थिति सही ना होने के कारण उन्होंने किसी और से डांस नहीं सीखा, बल्कि वह खुद म्यूजिक वीडियोज वगैरह देख कर सीखने लगे। उन्होंने बताया कि वह माइकल जैक्सन को अपना गुरु कहेंगे, क्योंकि रेमो उन्हें बहुत पसंद करते थे और उनके डांस स्टेप्स को फॉलो करते थे। इसके बाद वह अपना खुद का डांस स्टेप्स निजात करके उसे कोरियोग्राफ करते थे।
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जब हुआ प्यार तो बन गए डिसूजा
रेमो डिसूजा जब मुंबई पहुंचे तो उनकी मुलाकात लिजेल वॉटकिंस से हुई, जो एक एंग्लो इंडियन हैं। मुलाकात के बाद ही दोनों को प्यार हो गया, फिर कई दिनों तक लव स्टोरी चलने के बाद दोनों ने शादी कर ली। कहा जाता है कि इसी दौरान रेमो ने ईसाई धर्म अपना लिया और रमेश गोपी नायर से रेमो डिसूजा बन गए। हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दंपति से दो बेटे हैं ध्रुव और गेब्रियल।
जब बदली रेमो डिसूजा की किस्मत
अपने संघर्ष के दिनों में रेमो डिसूजा ने मुंबई के चर्नी रोड पर एक डांस क्लास शुरू किया, जिसमें सिर्फ चार बच्चे आते थे। बारिश के दिनों में जब कोई नहीं आता तो रेमो के पास खाने के लिए पैसे नहीं होते थे, फिर उन्हें भूखे पेट ब्रांद्रा स्टेशन पर रात गुजारनी पड़ती थी। इसके बाद डिसूजा ने फिल्मों में बतौर बैकग्राउंड डांसर के रुप में काम करना शुरु किया। रेमो को धीरे-धीरे पहचान तब मिलनी शुरु हुई जब उन्होंने शाहरुख खान अभिनीत फिल्म 'परदेस' में 'मेरी महबूबा' गाने में बैकग्राउंड डांसर के तौर पर नजर आए।
इसके बाद रेमो के द्वारा सिखाई हुई डांस टीम ऑल इंडिया कंपीटशन में विजेता बनी, जिससे उनका नाम होने लगा। फिर उन्हें आमिर खान और उर्मिला मांतोडकर के साथ फिल्म 'रंगीला' में डांस करने का मौका मिला। इसी के बाद 1995 में रेमो को 'रंगीला' फिल्म के कोरियोग्राफर अहमद खान के साथ असिस्टेंट के रुप में काम करने का मौका मिला। फिर रेमो की किस्मत ने करवट बदली और उनको अभिनव सिन्हा के निर्देशन में पहला प्रोजेक्ट मिला, जिसमें उन्होंने गायक सोनू निगम के एल्बम 'दीवाना' के लिए कोरियोग्राफ किया। इस गाने ने रेमो डिसूजा को अलग स्थान पर लाकर खड़ा कर दिया। फिर क्या रेमो ने कोरियोग्राफर के तौर एक खास उपलब्धि पा ली और अपना काम शुरू कर दिया।
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रेमो के काम को मिला सम्मान
बतौर कोरियोग्राफर काम शुरू करने के बाद रेमो के पास ऑफर्स की लाइन लग गई। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों और टीवी शोज में डांस के गुर सिखाए। इसके अलावा रेमो ने 'डांस इंडिया डांस', 'झलक दिखला जा', 'डांस प्लस' जैस टीवी शो में बतौर जज भूमिका निभाकर प्रतिभागियों को मार्गदर्शन किया। कई फिल्मी गाने के कोरियोग्राफी के लिए रेमो को सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफर के तौर पर सम्मानित किया जा चुका है।