इस हफ्ते रिलीज हो रही डिजनी की फिल्म फ्रोजेन 2 को एनीमेशन दुनिया का ऐसा चमत्कार माना जा रहा है जो बड़े परदे पर अब तक पहले कभी नहीं देखा गया। फिल्म एक ऐसी राजकुमारी के बारे में हैं जिसके पास हवा को बर्फ बना देने की अद्भुत जादुई शक्तियां हैं। वह साहसी है, जुनूनी है, हिम्मतवाली है और कल्पनाशील है, ऐसे किरदार में थोड़ा सा जादू मिलाकर डिजनी ने बच्चों और उनके माता पिता के लिए सर्दियों का एक अनोखा तोहफा तैयार किया है।
परी कथाओं का सारा करिश्मा समेट लाई फ्रोजेन 2, निर्माता जेनफिर ली से EXCLUSIVE मुलाकात
अमर उजाला को डिजनी ने अमेरिका के लॉस एंजिलिस स्थित अपने एनीमेशन स्टूडियो में इस फिल्म के खास अंश देखने के लिए रिलीज से पहले आमंत्रित किया। इस दौरान फिल्म के दृश्य बनाने में महीनों से लगी रही टीम ने अलग अलग मुद्दों पर अमर उजाला से खास बातचीत भी की। छह साल पहले एनीमेशन फिल्मों में कमाई का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुकी फ्रोजन की तरह फ्रोजेन 2 भी हैंस क्रिश्चियन एंडरसन की 1845 में प्रकाशित परी कथा द स्नो क्वीन के किरदारो को लेकर आगे बढ़ती है और मशहूर परी कथाओं की तरह पौराणिक गाथाओं को परदे पर जीवंत करती है।
फ्रोजेन 2 के निर्देशक क्रिस बक और निर्माता जेनिफर ली व पीटर डेल वेको ने फ्रोजेन 2 की कहानी बुनते समय पहली फिल्म के किरदारों यानी की दोनों राजकुमारी बहनों, एक बहादुर पर्वतारोही और प्यारे से एक स्नोमैन के किरदारों को नया रंग रूप और नया वातावरण दिया है। अमर उजाला से एक्सक्लूसिव बातचीत में जेनिफर ली कहती हैं, “फ्रोजेन 2 की कहानी बुनते समय हमें एहसास हुआ कि हमारे पास इस कहानी को लेकर कई सवाल हैं। जैसे कि एना को अगर वह सब कुछ मिल जाए जोकि वह चाहती है तो फिर वह क्या करेगी या फिर उसके माता पिता को लेकर पहली फिल्म में बाकी रह गए सवालों का क्या होगा और जब उनका जहाज डूबा तब वो आखिर जा कहां रहा था? और, सबसे बड़ा सवाल तो ये कि आखिर एल्सा का जन्म जादुई शक्तियों के साथ क्यों हुआ? फ्रोजेन 2 में हमने इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की है।”
फिल्म के निर्देशक क्रिस बक कहते हैं, “फ्रोजेन 2 में कहानी के किरदारों को हमने एक खुला आसमान दिया है। पिछली फिल्म में वह जानने की कोशिश कर रहे थे कि आखिर वे हैं कौन? इस बार वे कुछ उस तरह से हैं कि जैसे किसी ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर ली हो। वे अपनी जिंदगी का मकसद समझने की कोशिश कर रहे हैं और हमने इस बार ये बताने की कोशिश की हैं कि आखिर उनका ये मकसद है क्या?” बातचीत को सिरे तक पहुंचाते हुए ली इसमें आगे जोड़ती हैं, “अगर फ्रोजेन की कहानी उस बिंदु पर खत्म होती है जहां हम कहते सकते थे कि और फिर वह आनंद से जीते रहे तो फ्रोजेन 2 की कहानी है कि इस आनंद के आगे क्या हुआ? ये फिल्म एक गुगली की तरह है जिसमें जिंदगी वाकई उस रूप में सामने आती है जिसे हम जीना कहते हैं। फिल्म में हंसी-मजाक भी है लेकिन इसमें इन किरदारों के जीने का असल मकसद सामने आता है और ये मोड़ बहुत ही भावुक भी है।”
फिल्म फ्रोजेन 2 को परदे पर देखने का सबसे अलग आनंद इस बार इस कहानी के हेमंत ऋतु की पृष्ठभूमि में होने से भी है। एनीमेशन फिल्मों में जहां अब तक सारा फोकस किरदारों को गढ़ने पर ही रहा है, वहीं डिजनी ने अब इन किरदारों के आसपास के वातावरण पर भी बहुत मेहनत करनी शुरू की है। फ्रोजेन 2 की कहानी का वातावरण बहुत रोमांचकारी है। पतझड़ के जंगलों और इनके रंगों को बड़े परदे पर देखना ऐसा ही एहसास देता है जैसे कि दर्शक खुद इन जंगलों में पहुंच गया है।