नाम, शोहरत, पैसा और रुतबा...ये सब मोहमाया है, जो वक्त के साथ छूमंतर हो जाता है, रह जाती हैं तो बस यादें। फिल्म इंडस्ट्री ऐसी ही एक जगह है। यहां जब तक आप दिख रहे हैं तब तक सफलता, नाम और शोहरत भी आपको सलाम करते हैं, लेकिन मुसीबत में सब पीछे छूट जाता है।
पढ़ें - स्क्रीन पर राज करने वाला ये एक्टर भुखमरी और तंगहाली का हो गया था शिकार, ऐसी हुई मौत
अब एक्ट्रेस साधना को ही ले लीजिए। 60 और 70 के दशक में हिंदी सिनेमा की टॉप हीरोइनों में शुमार रहीं साधना के पीछे तब तक हर कोई रहा जब तक उन्होंने फिल्मी परदे पर राज किया, लेकिन जब उन पर मुसीबत आई और लोगों के सहारे की जरुरत महसूस हुई तो वो फिल्म इंडस्ट्री भी पीछे हट गई जिसके लिए साधना ने अपनी पूरी उम्र ही दांव पर लगा दी थी।
पढ़ें - 'बिल्ला' बनकर मशहूर हुआ था ये विलेन, इस वजह से हुई थी दर्दनाक मौत
साधना के पास क्या नहीं था, खूबसूरती और टैलेंट का बेजोड़ संगम थीं वो। बचपन से ही हीरोइन बनने का शौक रहा तो चली आईं फिल्मों में और पहला ब्रेक मिला 1955 में आई फिल्म 'श्री 420' से। फिल्म हिट रही और इसमें साधना के काम को भी नोटिस किया गया।
'लव इन शिमला', 'प्रेम पत्र', 'एक मुसाफिर एक हसीना', 'वो कौन थी' और 'मेरा साया' जैसी कई ऐसी फिल्में रहीं जिनमें साधना के काम को काफी सराहा गया और वो सुपरहिट भी रहीं।
हालांकि लोग सिर्फ साधना की एक्टिंग के ही दीवाने नहीं थे बल्कि उनके हेयरस्टाइल पर भी वो फिदा थे। उनकी दीवानगी का ये आलम था कि लड़कियां उनके जैसा हेयरस्टाइल अपनाने लगीं जो 'साधना कट' के नाम से आज भी लोकप्रिय है।