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जुबीन गर्ग: सिंगर की बरसी पर जमा हुए फैंस और कलाकार, स्टूडेंट्स यूनियन ने की ये बड़ी मांग
Sat, 19 Sep 2026 11:15 AM IST
सिराजुद्दीन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सिराजुद्दीन
Updated Sat, 19 Sep 2026 11:15 AM IST
सार
Zubeen Garg: दिवंगत गायक जुबीन गर्ग के निधन को एक साल पूरा हो चुका है। इस मौके पर एक अस्थाई स्मारक स्थल पर उनके फैंस, परिवार के लोग और कई कलाकार जमा हुए।
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जुबीन गर्ग
- फोटो : अमर उजाला
असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत को एक साल पूरा हो गया है। शनिवार को सोनापुर में सैकड़ों फैंस इस सिंगर को उनकी पहली बरसी पर याद करने के लिए जमा हुए। गुवाहाटी के बाहरी इलाके में बने एक अस्थायी स्मारक स्थल पर ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (एएएसयू) के सदस्यों के साथ-साथ फैंस, परिवार के सदस्य और कलाकार भी जमा हुए। लोगों ने गर्ग के कुछ सबसे मशहूर गाने गाए और सिंगर को श्रद्धांजलि दी।
जुबीन गर्ग के निधन पर जमा हुए फैंस और कलाकार
- फोटो : एएनआई
एएनआई ने सिंगर के लिए न्याय की मांग की
एएनआई से बात करते हुए, एएएसयू के मुख्य सलाहकार डॉ. समुज्जल भट्टाचार्य ने कहा कि यह सभा गर्ग को याद करने के लिए बुलाई गई थी और उन्होंने उनकी मौत के मामले में न्याय की भी मांग की। उन्होंने कहा, 'आज हम जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां आए हैं। उस अप्रत्याशित घटना को एक साल बीत चुका है। जुबीन गर्ग को न्याय मिलना ही चाहिए।'
एएनआई से बात करते हुए, एएएसयू के मुख्य सलाहकार डॉ. समुज्जल भट्टाचार्य ने कहा कि यह सभा गर्ग को याद करने के लिए बुलाई गई थी और उन्होंने उनकी मौत के मामले में न्याय की भी मांग की। उन्होंने कहा, 'आज हम जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां आए हैं। उस अप्रत्याशित घटना को एक साल बीत चुका है। जुबीन गर्ग को न्याय मिलना ही चाहिए।'
जुबीन गर्ग के निधन पर जमा हुए फैंस और कलाकार
- फोटो : एएनआई
जुबीन ने किए ये अच्छे काम
एएएसयू के प्रेसिडेंट उत्पल शर्मा ने कहा, 'आज का दिन जुबीन गर्ग के गुजर जाने का दिन है। पूरे असम में उनकी रचनाओं को याद किया जाएगा। आने वाली पीढ़ियों को यह जरूर पता होना चाहिए कि जुबीन गर्ग नाम के एक कलाकार थे, जिन्होंने असम में गैंडों के शिकार के समय अपने बिहू स्टेज को विरोध का मंच बना दिया था। जब कोविड के बीच लोग बाहर निकलने से डरते थे, तब जुबीन गर्ग नाम के एक कलाकार ने अपने एक घर को क्वारंटीन सेंटर बनाने के लिए दे दिया था। इसलिए जुबीन गर्ग की उस विरासत और मानवीय सोच को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। हमें पूरा भरोसा है कि असम के लोग और युवा पीढ़ी हमेशा उनकी विरासत, उनकी कला और उनकी रचनाओं का सम्मान और जश्न मनाती रहेगी।'
एएएसयू के प्रेसिडेंट उत्पल शर्मा ने कहा, 'आज का दिन जुबीन गर्ग के गुजर जाने का दिन है। पूरे असम में उनकी रचनाओं को याद किया जाएगा। आने वाली पीढ़ियों को यह जरूर पता होना चाहिए कि जुबीन गर्ग नाम के एक कलाकार थे, जिन्होंने असम में गैंडों के शिकार के समय अपने बिहू स्टेज को विरोध का मंच बना दिया था। जब कोविड के बीच लोग बाहर निकलने से डरते थे, तब जुबीन गर्ग नाम के एक कलाकार ने अपने एक घर को क्वारंटीन सेंटर बनाने के लिए दे दिया था। इसलिए जुबीन गर्ग की उस विरासत और मानवीय सोच को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। हमें पूरा भरोसा है कि असम के लोग और युवा पीढ़ी हमेशा उनकी विरासत, उनकी कला और उनकी रचनाओं का सम्मान और जश्न मनाती रहेगी।'
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जुबीन गर्ग के निधन पर जमा हुए फैंस और कलाकार
- फोटो : एएनआई
असम सरकार ने आयोजित किया कार्यक्रम
असम सरकार ने भी गायक की याद में अपने सांस्कृतिक मामलों के विभाग के जरिए तीन दिन का कार्यक्रम आयोजित किया है। यह कार्यक्रम गुरुवार को शुरू हुआ और शनिवार को खत्म होगा।
असम सरकार ने भी गायक की याद में अपने सांस्कृतिक मामलों के विभाग के जरिए तीन दिन का कार्यक्रम आयोजित किया है। यह कार्यक्रम गुरुवार को शुरू हुआ और शनिवार को खत्म होगा।
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जुबीन गर्ग के निधन पर जमा हुए फैंस और कलाकार
- फोटो : एएनआई
किस गाने से सिंगर को मिली शोहरत?
- जुबीन गर्ग का निधन 19 सितंबर, 2025 को सिंगापुर में हुआ।
- वह 'नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल' में परफॉर्म करने वाले थे, उससे ठीक एक दिन पहले ही उनका निधन हो गया।
- गायक, कंपोजर और म्यूजिशियन के तौर पर मशहूर गर्ग ने कई भाषाओं में हजारों गाने रिकॉर्ड किए थे।
- 2006 की हिंदी फिल्म 'गैंगस्टर' के गाने 'या अली' से उन्हें असम के बाहर भी काफी पहचान मिली।
- गर्ग अपने पूरे करियर के दौरान असमिया संगीत और संस्कृति से गहराई से जुड़े रहे।
- उनके गानों में पारंपरिक असमिया धुनों और आधुनिक संगीत का मेल देखने को मिलता था, जिससे वे नॉर्थईस्ट की सबसे जानी-मानी आवाजों में से एक बन गए।
#WATCH | Kamrup, Assam: All Assam Students' Union, Zubeen Garg fans pay tribute at Zubeen Khetra in Sonapur on the first death anniversary.
— ANI (@ANI) September 19, 2026
Chief Advisor of AASU, Dr Samujjal Bhattacharya, says, "Today we are here to pay our respects to Zubeen Garg. One year has passed since the… pic.twitter.com/my5EbKsMNy