80 के दशक में श्रीदेवी का चार्म खूब जोरों पर था जबकि संजय दत्त ने उस वक्त अपने करियर की शुरुआत ही की थी। संजय दत्त भी श्रीदेवी के बहुत बड़े फैन थे। लेकिन ऐसा क्या हुआ जब श्रीदेवी संजय दत्त से हमेशा के लिए नाराज हो गईं थीं और उनके साथ काम करने से इनकार कर दिया था। श्रीदेवी ने ऐसा क्यों किया होगा, क्या आप जानते हैं? चलिए बताते हैं आपको इस किस्से के बारे में जिसकी चर्चा आज भी बॉलीवुड के गलियारों में होती है।
दरअसल इसके पीछे बड़ी वजह है 1983 में हुआ वो वाकया जिसने श्रीदेवी को हिलाकर रख दिया था और उसके बाद उन्होंने कभी संजय दत्त के साथ काम ना करने की कसम खाई। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी एक फिल्म से संजय को निकलवाने तक का फैसला कर लिया था। ये बात तब की है जब श्रीदेवी फिल्म 'हिम्मतवाला' की शूटिंग कर रहीं थीं। जैसे ही संजय को उनके दोस्त ने खबर दी कि श्रीदेवी जितेंद्र के साथ 'हिम्मतवाला' की शूटिंग कर रही हैं, वो बिना देर किए ही फिल्म के सेट पर पहुंच गए। उन दिनों संजय दत्त का वक्त उनका साथ नहीं दे रहा था। उन्होंने खूब शराब पी रखी थी और उसी हालत में उन्होंने फिल्म के सेट पर जाकर श्रीदेवी से मिलने का फैसला कर लिया था।
लेकिन सेट पर जब श्रीदेवी नहीं दिखीं तो संजय दत्त ने वो कदम उठाया जिसकी वजह से श्रीदेवी का पारा भी हाई हो गया था। नशे में चूर संजय दत्त पर श्रीदेवी से मिलने का भूत इस कदर सवार था कि वो दनदनाते हुए श्रीदेवी के कमरे में ही घुस गए। श्रीदेवी को अंदाजा भी नहीं था कि ऐसे कोई उनके कमरे में घुस जाएगा और वो भी ऐसी हालत में।
इस वाकये के बाद श्रीदेवी इतनी सहम गईं कि उन्होंने फिर कभी संजय दत्त के साथ काम नहीं किया और यही कोशिश रखी कि वो संजय के साथ कोई फिल्म साइन ना करें। लेकिन समय का पहिया बदला और श्रीदेवी को संजय दत्त के साथ मजबूरी में एक फिल्म साइन करनी पड़ी। इस फिल्म का नाम 'जमीन' था लेकिन श्रीदेवी ने साफ-साफ कह दिया था कि संजय दत्त के साथ उन्हें फिल्म में एक भी सीन नहीं चाहिए।
हालांकि ऐसा नहीं है कि इसके बाद श्रीदेवी और संजय दत्त के पास साथ काम करने के मौके नहीं आए, लेकिन संजय दत्त के साथ श्रीदेवी का पहला एक्सपीरिएंस इतना डरावना था कि वो उससे उबर नहीं पा रहीं थीं और इसी संजय के साथ मिली हर फिल्म को रिजेक्ट करने का मौका ढूंढती रहती थीं। महेश भट्ट की फिल्म 'गुमराह' के दौरान भी यही हुआ। फिल्म में संजय दत्त को पहले से ही साइन किया जा चुका था। इस फिल्म के दौरान वो दौर आ चुका था जब संजय दत्त का सक्सेस ग्राफ तेजी से बढ़ रहा था जबकि श्रीदेवी धीरे-धीरे अपना चार्म खोती जा रही थीं। पहले तो श्रीदेवी ने इस फिल्म से संजय दत्त को निकलवाने की कोशिश की लेकिन जब कामयाबी ना मिली तो श्रीदेवी के पास संजय दत्त के साथ काम करने के सिवाय कोई चारा नहीं बचा।