मशहूर संवाद लेखक और चरित्र अभिनेता कादर खान अब इस दुनिया में नहीं रहे। कादर खान का कनाडा के एक अस्पताल में निधन हो गया है। उनके बेटे सरफराज खान ने उनकी मौत की पुष्टि की है। कादर खान के निधन से अमिताभ बच्चन दुखी हैं। अभिनेता कादर खान और अमिताभ बच्चन ने एक साथ कई फिल्में की हैं। अदालत, सुहाग, मुकद्दर का सिकंदर, नसीब और कुली जैसी बेहद कामयाब फिल्मों में इन दोनों ने साथ काम किया।
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amitabh and kader khan
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लेकिन क्या आप जानते हैं एक बार कादर खान ने कहा था अमिताभ बच्चन गुजरे जमाने के हरदिल अजीज कलाकार दिलीप कुमार कुछ बातों में पीछे थे। कादर खान के मुताबिक रोने और हंसने के मामले में दिलीप कुमार अमिताभ से आगे हैं। कादर खान कहते थे, मैं मानता हूं कि अमिताभ सभी लोगों से दो कदम आगे रहे हैं लेकिन दो बातों में वो दिलीप कुमार से पीछे हैं। मैंने उनसे कहा कि अगर वो एक बेहतरीन कलाकार बनना चाहते हैं तो उन्हें दिलीप कुमार की तरह रोना और हंसना सीखना होगा।
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Kader Khan
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कादर खान ने कहा था- 'मर्द का रोना और मर्द का मुस्कुराना दो लाजवाब चीज़ें हैं। अगर ये दोनों चीज़ें ढंग से न हों तो न तो मर्द रोता हुआ अच्छा लगता है और न ही हंसता हुआ। कादर ख़ान ने कहा था- दिलीप कुमार के इसी स्टाइल को देखते देखते अमिताभ बच्चन ने भी इन दोनों बातों पर अपनी पकड़ बनाई। अमिताभ के पास अच्छी आवाज थी, देखने में भी वो बहुत अच्छे थे। लंबा कद था। अच्छा नाच लेते थे और अच्छी फ़ाइट भी कर लेते थे, लेकिन उन्हें रोने और मुस्कुराने में दिक्कत होती थी। रोने और हंसने के मैदान में अमिताभ ने दिलीप साहब से बहुत कुछ सीखा। हमने अमिताभ को बाध्य किया कि वो दिलीप कुमार से सीखें।
कादर खान ने अमिताभ की तारीफ करते हुए कहा था- अमिताभ बच्चन ने सिर्फ रोने और हंसने में ही महारत हासिल नहीं कि बल्कि समय के पाबंद होने के कारण वो फिल्म इंडस्ट्री में एक लंबे समय तक चोटी पर बने रहे। कादर खान अमिताभ बच्चन की इस आदत की तारीफ करने से खुद को नहीं रोक पाए थे।
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kader khan
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कादर खान ने कहा था- अगर फिल्म इंडस्ट्री में आपको अपना नाम कमाना है तो आपको वक्त की कद्र करनी होगी। अमिताभ बच्चन से लोगों को सीखना चाहिए। अमिताभ हमेशा फिल्म सेट पर समय से पहुंच जाते थे। जीतेंद्र भी अमिताभ की ही तरह समय के पाबंद रहे हैं।