प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘टाइम’ ने इस साल विश्व के 100 प्रभावशाली लोगों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में भारत के जिन पांच लोगों को जगह मिली हैं, उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, अभिनेता आयुष्मान खुराना, लंदन में रहने वाले भारतीय मूल के डॉक्टर रवींद्र गुप्ता और शाहीन बाग आंदोलन से चर्चा में आईं बिल्किस दादी शामिल हैं।
2 of 5
आयुष्मान खुराना
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
इस सप्ताहांत आने वाले ‘टाइम’ के अंक में दुनिया के सौ प्रभावशाली लोगों की सूची प्रकाशित हो रही है। इस सूची में प्रभावशाली और चर्चित हस्तियों के बीच अपना नाम पाकर फिल्म अभिनेता आयुष्मान खुराना काफी खुश दिखे। उनके बारे में टाइम पत्रिका ने जो आलेख शामिल किया है, उसे दीपिका पादुकोण ने लिखा है।
3 of 5
आयुष्मान खुराना
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
आयुष्मान खुराना को यह सम्मान हिंदी सिनेमा में एक विशिष्ट तरह के सिनेमा को आगे बढ़ाने के लिए मिला है, जिसमें ऐसे सामाजिक विषयों को शामिल किया जाता है, जिन पर आम तौर पर घरों व समाज में बातें कम होती हैं। आयुष्मान खुराना की पहली ही फिल्म से विश्व सिनेमा पर लिखने वालों ने उनकी फिल्मों पर गौर करना शुरू कर दिया।
4 of 5
आयुष्मान खुराना
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
अब इस साल की सौ प्रभावशाली लोगों की सूची में जब आयुष्मान शामिल हुए हैं तो उनकी गिनती दुनिया के उन महान कलाकारों में हो रही है, जो इस सूची में उनके साथ हैं। कलाकारों के वर्ग में आयुष्मान के साथ जिन दूसरी प्रतिभाओं को जगह मिली हैं, उनमें सेलेना गोम्स, द वीकएंड, फिल्म ‘पैरासाइट’ के निर्देशक बोंग जून हो, फोएबे वाल ब्रिज और माइकेला कोएल शामिल हैं।
5 of 5
आयुष्मान खुराना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
‘टाइम’ पत्रिका की 2020 की सौ प्रभावशाली लोगों की वैश्विक सूची में स्थान पाने पर आयुष्मान कहते हैं, ‘यह सम्मान मैं बहुत ही विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं। एक कलाकार के नाते मैंने समाज में सिनेमा के जरिए सकारात्मक परिवर्तन लाने की ही कशिश की है, और यह क्षण मेरे विश्वास और मेरी यात्रा को एक वैधता प्रदान करता है। मैंने हमेशा यही माना है कि सिनेमा में चीजों को बदलने की शक्ति है बशर्ते हम इस पर लोगों और समाज के बीच सही चर्चा शुरू करने वाले उत्प्रेरक का काम कर सकें। मैं यही उम्मीद करता हूं कि मैं फिल्मों में अपने विषयों के चयन के जरिए अपने देश और देशवासियों के कुछ काम आ सका।’