कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचारों पर आधारित फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' को रिलीज हुए एक हफ्ता पूरा हो चुका है। फिल्म ने बीते एक हफ्ते में देश भर में धमाल मचा दिया है। इस फिल्म ने अपनी रिलीज के साथ ही कई रिकॉर्ड तोड़े हैं। वहीं जल्द ही यह फिल्म 100 करोड़ के क्लब में भी शामिल होने वाली हैं। फिल्म को दर्शकों की तरफ से भी काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। वहीं राजनीतिक और मनोरंजन जगत की कई बड़ी हस्तियां भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुकी हैं। इसी बीच अब इस फिल्म पर जम्मू- कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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उमर अब्दुल्ला
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विवेक अग्निहोत्री की फिल्म द कश्मीर फाइल्स पर निशाना साधते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि फिल्म के निर्माताओं को यह साफ करना चाहिए कि यह एक डॉक्यूमेंट्री है या एक फिल्म है। क्योंकि अगर ये डॉक्यूमेंट्री है तो जो भी दिखाया जा रहा है, वह सच है। लेकिन निर्माताओं का कहना है कि यह वास्तविकता पर आधारित है। इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने द कश्मीर फाइल्स पर कई झूठी चीजें दिखाने का भी आरोप लगाया।
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उमर अब्दुल्ला
- फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने कहा कि द कश्मीर फाइल्स फिल्म में कई सारी चीजें गलत दिखाई गई है। जब कश्मीरी पंडितों ने घाटी से पलायन किया था तब फारुख अब्दुल्ला मुख्यमंत्री नहीं थे। उस समय जगमोहन जम्मू कश्मीर के राज्यपाल थे। साथ ही उस दौरान केंद्र में भी वीपी सिंह की सरकार थी, जिसे भाजपा का समर्थन था। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल किया कि फिल्म में वीपी सिंह की सरकार और बीजेपी को क्यों नहीं दिखाया गया। इस तरह तथ्यों से खिलवाड़ करना सही नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हम 1990 में हुई घटना के दौरान कश्मीरी पंडितों की हत्या की निंदा करते हैं। लेकिन क्या उस दौरान कश्मीरी मुसलमानों और सिखों की जान नहीं गई? वहीं हाल ही में दिए अपने इस बयान को दोहराते हुए उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर भी ट्वीट किया है उन्होंने अपने ट्विटर में लिखा, 1990 और उसके बाद के दर्द और पीड़ा को पहले जैसा नहीं किया जा सकता। सुरक्षा की भावना छिन जाने पर जिस तरह से कश्मीरी पंडितों ने घाटी छोड़ी, वह कश्मीरियत की हमारी संस्कृति पर धब्बा है। हमें विभाजन को ठीक करने के तरीके खोजने चाहिए ना कि उन्हें और जोड़ना चाहिए।

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जीतन राम मांझी
- फोटो : सोशल मीडिया
इसी क्रम में एनडीए के घटक दल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने भी फिल्म को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि 'द कश्मीर फाइल्स' आतंकियों की एक गहरी साजिश भी हो सकती है। इसे दिखाकर आतंकी संगठन कश्मीरी ब्राह्मणों में डर का माहौल बना रहे हैं, ताकि इस डर से कश्मीरी ब्राह्मण फिर कश्मीर में वापस नहीं जाएं। “द कश्मीर फाइल्स” फिल्म यूनिट सदस्यों के आतंकी कनेक्शन की जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने इस ट्वीट में अनुपम खेर को भी टैग किया।
