फिल्म इंडस्ट्री में इस वक्त बॉलीवुड बनाम साउथ सिनेमा विवाद चल रहा है। इसकी शुरुआत किच्चा सुदीप और अजय देवगन से हुई। इसके बाद महेश बाबू ने यह कहकर इस विवाद को बढ़ावा दिया कि बॉलीवुड उन्हें अफोर्ड नहीं कर सकता इसलिए वह हिंदी फिल्मों में काम करके अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहते हैं। वहीं अब भाषा विवाद में कंगना रणौत की एंट्री हो गई है।
2 of 4
कंगना रणौत
- फोटो : सोशल मीडिया
महेश बाबू की बात से हूं सहमत
अभिनेत्री ने अपनी आगामी फिल्म 'धाकड़' के दूसरे ट्रेलर लॉन्च के दौरान कहा कि 'यह बात सौ टक्का सही है कि बॉलीवुड महेश बाबू को अफोर्ड नहीं कर सकता। मैं महेश बाबू की बात से पूरी तरह सहमत हूं। हिंदी सिनेमा के ऐसे बहुत सारे निर्देशक हैं, जिन्होंने अपनी फिल्म के लिए महेश बाबू को अप्रोच किया है। लेकिन उन्होंने इन ऑफर्स को ठुकरा दिया।'
3 of 4
कंगना रणौत
- फोटो : insta
महेश बाबू की वजह से नंबर वन बना तेलुगू सिनेमा
कंगना रणौत आगे कहती हैं, 'महेश बाबू और उनकी पीढ़ी के कुछ कलाकारों ने मिलकर आज तेलुगू सिनेमा को नंबर वन बना दिया है। उन्होंने अपने काम और अपनी इंडस्ट्री को महत्व दिया। हमें उनसे सीखना चाहिए।'
4 of 4
कंगना रणौत, एक्टर यश, केजीएफ 2
- फोटो : social media-amarujala mumbai
हॉलीवुड से करना होगा मुकाबला
वहीं जब कंगना से पूछा गया कि बॉक्स ऑफिस पर बॉलीवुड के बजाय साउथ की फिल्मों के सफल होने के पीछे का कारण क्या हाे सकता है? तब अभिनेत्री ने कहा, 'मैं हमेशा से साउथ फिल्मों की प्रशंसक रही हूं। मुझे लगता है कि हमें (भारतीय सिनेमा) को मिलकर हॉलीवुड की फिल्मों से मुकाबला करना चाहिए। क्योंकि अमेरिकन, जर्मन, इटालियन और फ्रेंच फिल्म इंडस्ट्री ने सबको खत्म कर दिया है, राख बना दिया है। इसलिए हमें इनसे बचना चाहिए, न की आपस में लड़ाई करनी चाहिए। साउथ, मलयालम, पंजाबी आदि रीजनल फिल्म इंडस्ट्री को बढ़ावा देना चाहिए।'