भीड़ हिंसा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखकर चिंता जताने वाली 50 से ज्यादा हस्तियों के खिलाफ बृहस्पतिवार को मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने बताया कि इन 50 लोगों के खिलाफ मुकदमा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूर्यकांत तिवारी के आदेश पर दर्ज किया गया है। पत्र लिखने वालों में इतिहासकार रामचंद्र गुहा, फिल्म निर्देशक मणिरत्नम, फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप, फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल, अभिनेता सौमित्र चटर्जी, अभिनेत्री अपर्णा सेन और गायिका सुधा मुद्गल आदि शामिल हैं।
अब इस मामले में निर्देशक श्याम बेनेगल (Shyam Benegal) का बयान सामने आया है। राजद्रोह का मामला दर्ज होने के बाद श्याम बेनेगल ने कहा- इस मामले का कोई मतलब नहीं बनता है क्योंकि भीड़ हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर चिंता प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा गया पत्र महज अपील था न कि कोई धमकी।
उन्होंने पीटीआई- भाषा से कहा, 'यह पत्र एक अपील था। लोगों का इरादा जो भी हो, जो प्राथमिकी स्वीकार कर रहे हैं और हम पर इन सभी तरह के आरोप लगा रहे हैं, इन बातों का कोई मतलब नहीं बनता है। यह प्रधानमंत्री से अपील करने वाला पत्र था। यह कोई धमकी या अन्य बात नहीं थी जो शांति बिगाड़ती या समुदायों के बीच बैर भाव पैदा करती।'
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मणिरत्नम, पीएम नरेन्द्र मोदी और अनुराग कश्यप
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बता दें बीते महीने निर्देशक अनुराग कश्यप समेत 49 हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखा था। पत्र में लिखा गया था कि, ''अफसोस की बात है कि 'जय श्री राम' आज एक भड़काऊ युद्ध बन गया है। भारत के बहुसंख्यक समुदाय में राम का नाम पवित्र हैं। एक जनवरी 2009 से 29 अक्टूबर 2018 के बीच 254 धार्मिक पहचान आधारित हिंसा दर्ज की गई है। जबकि 2016 में दलितों पर अत्याचार के 840 मामले सामने आए हैं।''
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Prasoon Joshi, Madhur bhandarkar
- फोटो : social media
हालांकि इसके जवाब में जानी-मानी 61 हस्तियों ने भी खुला पत्र लिखा। इन हस्तियों ने पीएम को लिखे गए पत्र को सिलेक्टिव गुस्सा और गलत नैरेटिव सेट करने की कोशिश करने वाला बताया था। इन हस्तियों में अभिनेत्री कंगना रनौत, लेखक प्रसून जोशी, क्लासिकल डांसर और सांसद सोनल मानसिंह, मोहन वीणा के वादक पंडित विश्व मोहन भट्ट और डायरेक्टर मधुर भंडारकर और विवेक अग्निहोत्री शामिल थे।