शेखर कपूर (Shekhar Kapur Birthday) का नाम एक ऐसे फिल्म निर्देशक के रूप में शुमार किया जाता है जिन्होंने न सिर्फ बॉलीवुड में बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी खास पहचान बनायी है। शेखर कपूर का जन्म 6 दिसंबर 1945 को लाहौर, पंजाब पाकिस्तान में हुआ था। हिंदी सिनेमा में आने से पहले शेखर बतौर चार्टेड अकाउंटेंट लंदन में काम कर चुके हैं।
2 of 6
शेखर कपूर
- फोटो : Twitter- @Shekharkapur
शेखर कपूर ने बॉलीवुड को मासूम, बैंडिट क्वीन और मिस्टर इंडिया जैसी कई बेहतरीन फिल्में दीं। बॉलीवुड के अलावा शेखर कपूर की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी होती है। उन्होंने हॉलीवुड में 'द फोर फेदर्स', एलिजाबेथ-I जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है। इस फिल्म के पहले भाग को ऑस्कर्स में सात और दूसरे को दो नामांकन भी मिले। जिसमें से उन्होंने दो अवॉर्ड जीते। उसके अलावा उन्होंने 'द फोर फेदर्स', 'न्यू यॉर्क- आई लव यू' और 'पैसेज' जैसी फिल्में भी बनाई हैं।
3 of 6
शेखर कपूर
- फोटो : Twitter- @Shekharkapur
लेकिन क्या आप जानते हैं इतनी बेहतरीन फिल्में बनाने वाले शेखर कपूर कभी लंदन में चार्टेड अकाउंटेंट की नौकरी करते थे। देव आनंद की वजह से वह फिल्मों में आए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्म जान हाजिर हो से की। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
4 of 6
उड़ान
- फोटो : Twitter- @Doordarshan
शेखर कपूर को जब फिल्मों में कदम रखने का मौका मिला तो उन्होंने एक्टिंग से अपना करियर शुरू किया। शेखर कपूर को उड़ान शो से काफी लोकप्रियता मिली। कविता चौधरी का 'उड़ान' एक लोकप्रिय टीवी धारावाहिक था, जिसमें महिला सशक्तीकरण के मुद्दों को उठाया गया था। यह शो 'कल्याणी सिंह' नाम की एक युवा लड़की की कहानी है, जो हर स्तर पर लैंगिक भेदभाव से जूझते हुए आईपीएस अधिकारी बन जाती है। शो में एक पुरुष नायक शेखर कपूर भी है, जो महिला अधिकारी को अपने बराबर मानता है।
5 of 6
Shekhar Kapur
- फोटो : Twitter- @Shekharkapur
शेखर कपूर ने दो शादियां की हैं। उनकी पहली शादी मेधा से हुई थी। जिन्होंने बाद में अनूप जलोटा से शादी कर ली। इसके शेखर कपूर ने मशहूर अभिनेत्री सुचित्रा कृष्णमूर्ति से शादी की थी हालांकि दोनों एक दशक से अलग-अलग रह रहे हैं। शेखर कपूर बेहतरीन होस्ट भी हैं। 2013 में शेखर कपूर ने टीवी शो प्रधानमंत्री की मेजबानी की थी। इस कार्यक्रम में भारतीय रियासतों के विलय से लेकर देश के प्रधानमंत्री चुनने की पूरी कहानी थी।