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एक्सक्लूसिव: आदित्य-डिनो के बीच ड्रग्स की चर्चा? दिशा केस में वकील का बड़ा दावा, बोले- सुशांत केस भी खुलेगा

Mon, 14 Sep 2026 07:43 PM IST
Kiran Vinod Kumar Jain किरण जैन
Updated Mon, 14 Sep 2026 07:43 PM IST
सार

Disha Salian Case: सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। कोर्ट ने सीबीआई को मामले की पूरी जांच करने और एक अनुभवी वरिष्ठ अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया था। सीबीआई ने दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान भी दर्ज किया है।

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Disha Salian Advocate Nilesh Ojha accused aditya thackeray and dino morea drug connection sushant case re open
दिशा सालिया केस में क्या बोले वकील? - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमर उजाला डिजिटल से बातचीत में दिशा सालियान के वकील निलेश ओझा ने सीबीआई जांच को लेकर अपनी उम्मीदें बयां की। साथ ही इस मामले से जुड़े कई बड़े दावे किए।

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निलेश ओझा ने कहा, ‘असल में सीबीआई से हमारी सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए। उनके पास वैसे भी ज्यादा समय नहीं है, क्योंकि 60 दिनों का समय शुरू हो चुका है। 60 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल करना है।'

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Disha Salian Advocate Nilesh Ojha accused aditya thackeray and dino morea drug connection sushant case re open
दिशा सालियान केस - फोटो : इंस्टाग्राम

हाई कोर्ट के आदेश में कई बातें सामने आईं 
‘हाई कोर्ट ने अपने आदेश में पहले ही बता दिया है कि कहां-कहां झूठ हुआ है? इसलिए सीबीआई के पास किसी आरोपी के प्रति थोड़ी भी नरमी बरतने की ज्यादा गुंजाइश नहीं है। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में साफ लिखा है कि एक भी आरोपी बचना नहीं चाहिए और किसी निर्दोष व्यक्ति को तकलीफ नहीं होनी चाहिए।’

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सुशांत सिंह राजपूत - फोटो : सोशल मीडिया

सुशांत केस भी खुलने की उम्मीद
निलेश कहते हैं कि इस जांच के बाद उन्हें उम्मीद है कि सुशांत का केस भी दोबार खुल जाएगा। वह कहते हैं, ‘यह जांच पूरे मामले को एक नई दिशा में लेकर जाएगी और इससे सुशांत सिंह राजपूत का मामला भी दोबारा खुल सकता है।’

क्या चाहते हैं दिशा के पिता? 
दिशा के पिता की मांग बताते हुए निलेश कहते हैं, ‘उनका यही कहना है कि जिन भी आरोपियों के खिलाफ हमने सबूत दिए हैं, उन सभी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें ज्यादा से ज्यादा सजा दिलाई जाए। उनका मानना है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलने पर ही दिशा की आत्मा को शांति मिलेगी। उनकी उम्मीद है कि आरोपियों को कानून के तहत जितनी अधिकतम सजा हो सकती है, वह दी जाए।’

CCTV रिकॉर्ड को लेकर किया बड़ा दावा
निलेश ने बातचीत में कई दावे भी किए। उन्होंने कहा, ‘सबसे पहली चीज दिशा से जुड़े खुद के सीसीटीवी रिकॉर्ड हैं। उनके आधार पर पिछली जांच की पूरी रिपोर्ट झूठी साबित हो गई है। हाई कोर्ट के आदेश में भी इसका जिक्र आया है।

 

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डिनो मोरिया और आदित्य ठाकरे - फोटो : सोशल मीडिया

आदित्य ठाकरे के दावे पर भी सवाल 
निलेश ने कहा, ‘आदित्य ठाकरे ने अपने बचाव में कहा था कि वो उस रात वहां नहीं थे, उनके नाना जी गुजर गए थे इसलिए वो वहां गए थे। उनका यह बचाव भी झूठ साबित हो गया। बाद में मोबाइल टावर की लोकेशन भी सामने आई, जिससे पता चलता है कि उनकी लोकेशन वहीं थी।  सूरज पंचोली और डिनो मोरिया की मोबाइल लोकेशन से जुड़ी जानकारी भी हमारे पास है। दोनों की मोबाइल लोकेशन भी वहां मिली थी।’ 

रिया को नहीं जानने के दावे पर भी सवाल 
निलेश ने आगे कहा, ‘बाद में आदित्य ने यह भी कहा था कि वह रिया चक्रवर्ती को नहीं जानते। वहीं रिया कहती है कि वो आदित्य को नहीं जानती। लेकिन नारकोटिक्स की जांच में उनका यह झूठ पकड़ा गया। नारकोटिक्स ने आदित्य ठाकरे और डिनो मोरिया के फोन की निगरानी की थी।'

ड्रग्स के कारोबार और सेवन का लगाया आरोप 
निलेश बताते हैं कि आदित्य और डिनो की फोन टैपिंग में कई बातें सामने आईं। वह बोले, ’फोन टैपिंग में सब पाया गया कि ये ड्रग्स का बिजनेस करता है और खुद ड्रगिस्ट है। यह हाइड्रोपोनिक वीड का सेवन करता है। तो ये सारी चीजें रिकॉर्ड में आई हैं।’

 

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रिया चक्रवर्ती और सूरत पंचोली - फोटो : सोशल मीडिया

‘कई सबूत लाएंगे सामने’ 
निलेश ने आगे कहा, ‘हमारे पास चश्मदीद गवाह हैं, डिजिटल सबूत हैं और कई दूसरी चीजें भी हैं। लेकिन हम इनमें से कुछ चीजें अभी जानबूझकर सामने नहीं ला रहे हैं, क्योंकि आरोपी पहले से सतर्क नहीं होने चाहिए। ये सब जांच का हिस्सा है।’ 

‘सामूहिक अत्याचार कर दिशा की हत्या की गई’ 
अंत में निलेश ने आदित्य ठाकरे समेत कईयों पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘दिशा सालियान का सामूहिक अत्याचार करके उसका मर्डर किया गया। उसके बाद में ये जो आरोपी थे - आदित्य ठाकरे और अन्य इनको बचाने के लिए पूरे पुलिस के रिकॉर्ड चेंज किए गए, झूठे गवाह बनाए गए, झूठा रिकॉर्ड बनाया गया और इसको आत्महत्या दिखाने का प्रयास किया गया।’

हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर 

  • हाई कोर्ट ने रिकॉर्ड की जांच के बाद दिशा मामले में प्रथम दृष्टया सबूत पाए थे। 
  • इसके बाद कोर्ट ने सीबीआई को दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज करके एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
  • सतीश सालियान का बयान दर्ज किया गया और उसके बाद सीबीआई ने सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और मामले को दबाने की साजिश समेत कई आरोपों के तहत एफआईआर दर्ज की है।

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दिशा सालियान केस। - फोटो : अमर उजाला

एफआईआर में कई लोगों के नाम होने की बात 

  • इस एफआईआर में सतीश सालियान की ओर से जो नाम दिए गए हैं, उनमें आरोपी नंबर एक आदित्य ठाकरे हैं। 
  • यह नाम भी हैं शामिल- डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड, परमबीर सिंह, अनिल देशमुख, उद्धव ठाकरे, रिया चक्रवर्ती और शोविक चक्रवर्ती।
  • इसके साथ ही SIT के अधिकारियों से लेकर उस फोरेंसिक डॉक्टर तक के नाम हैं, जिसने पोस्टमार्टम करके झूठी रिपोर्ट बनाई और गैंगरेप से जुड़े रिकॉर्ड बदले। 
  • फोरेंसिक लैब के अधिकारी का नाम भी इसमें मौजूद है।

पुलिस, फॉरेंसिक और जांच अधिकारियों पर भी आरोप 
अंत में निलेश ने बताया, ‘इसके अलावा, जिन पुलिस अधिकारियों ने बदले हुए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए, विशेष जांच दल के सदस्यों और जिन वरिष्ठ अधिकारियों के अधीन जांच हुई, उनके नाम भी आरोपी के तौर पर शामिल हैं।
रिकॉर्ड में पुलिस कमिश्नर का भी नाम है। परमबीर सिंह का नाम भी है और आगे इसमें और लोग आरोपी बनेंगे।'
'पहले के पुलिस कमिश्नर  विवेक फणसालकर ने हत्या के मामले को दुर्घटना से हुई मौत की जांच बताया था और मामले को आगे भेजा था। उन्होंने मामले में समझौता भी करवाया था। वह भी आरोपी बनेंगे। एफआईआर में कई पुलिस अधिकारियों, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक अधिकारियों और उनसे जुड़े कर्मचारियों के नाम भी हैं।’

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