बॉलीवुड में कपूर खानदान का क्या इतिहास रहा है इससे हर कोई वाकिफ है। इस खानदान की चौथी पीढ़ी तक फिल्मों में सक्रिय है और खूब नाम कमा रही है। एक दो कपूर बेटों को छोड़ दें तो इस घर से निकला हर सदस्य बॉलीवुड का दमदार कलाकार बना। हालांकि इस खानदान का एक बेटा वो भी था जिसने लगातार 25 फ्लॉप फिल्में दीं थी फिर भी वो हिंदी सिनेमा का सुपरस्टार कहलाया।
हम बात कर रहे हैं शम्मी कपूर की जिनकी अदायगी, डांस और गुड लुक्स ने लोगों को पागल बना दिया था। कहते हैं कि शम्मी कपूर के अभिनय करने के तरीका इतना अनोखा था कि मोहम्मद रफी को अपने गाने का तरीका तक बदलना पड़ा था। उन्होंने अपने लचकते शरीर से लोगों को गाने को इंजॉय करना सिखाया तो वहीं अपनी मुस्कान और गुड लुक्स से लड़कियों के दिल पर भी कब्जा जमा लिया। हालांकि उनके फिल्मीं करियर की शुरूआत बेहद खराब तरीके से हुई थी।
पृथ्वीराज कपूर के बेटे और राज कपूर के छोटे भाई शम्मी कपूर की 25 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त तरीके से फ्लॉप हुई थीं। 21 अक्टूबर 1931 को मुंबई में जन्में शम्मी कपूर को बचपन से ही अभिनय का शौक था। उनके पिता को जब भी अपने थिएटर के लिए किसी चाइल्ड एक्टर की जरूरत होती थी तो वो शम्मी को ही ले जाते थे।
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राज कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
शम्मी एयरोनॉटिकल इंजीनियर बनना चाहते थे लेकिन पढ़ाई से उनका दूर दूर तक वास्ता नहीं था इसके बाद उन्होंने हीरो बनने का फैसला किया और अपने पिता के पृथ्वी थिएटर में काम करने लगे। 1964 में फिल्म 'राजकुमार' रिलीज हुई जिसमें शम्मी कपूर के साथ उनके पिता पृथ्वीराज कपूर, राजेंद्र कुमार और साधना काम कर रहे थें। हालांकि इस फिल्म की शूटिंग के दौरान शम्मी के घुटने टूट गए थे। इसके चलते उन्हें कई महीनों शूटिंग और फिल्मों से दूर रहना पड़ा।
शम्मी कपूर फिल्मों में आ गए लेकिन उनकी फिल्में हिट नहीं हो रही थीं। उन्होंने लगातार 25 फ्लॉप फिल्में दी थी जो एक रिकॉर्ड हैं। साल 1956 में आई फिल्म 'रंगीत रातें' की शूटिंग के दौरान गीता बाली से उनकी मुलाकात हुई और फिर प्यार-तकरार के बाद दोनों ने शादी कर ली।