बॉलीवुड इंडस्ट्री और म्यूजिक का कनेक्शन काफी पुराना है। अगर किसी फिल्म को हिट बनाना है, तो उसमें खूबसूरत गाने डालने जरूरी होते हैं और ये काम म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े सिंगर्स और कंपोजर्स करते हैं। आज तक फिल्मी दुनिया में कई ऐसे संगीतकार आए हैं, जिनके गाने फैंस की जुबां पर हमेशा चढ़े रहते हैं। लेकिन जब बात एसडी बर्मन यानी सचिन देव बर्मन की होती है, तो फैंस उनके हर एक गाने को काफी पसंद करते हैं। 'सर जो तेरा चकराए या दिल डूबा जाए, आजा प्यारे पास हमारे काहे घरबारए' ये गाना एसडी बर्मन ने साल 1957 में रिलीज हुई फिल्म 'प्यासा' के लिए कंपोज किया था, लेकिन सालों बाद फैंस आज भी इस गाने को गुनगुनाते हुए देखे जा सकते हैं, जो उनकी पॉपुलैरिटी का जीता-जागता सबूत है।
आज एसडी बर्मन का जन्मदिन है। उनका जन्म 1 अक्तूबर 1906 को बंगाल प्रेजिडेंसी में हुआ था। वे बेशक आज हम लोगों के बीच नहीं हैं। लेकिन वह अपने गानों की वजह से हमेशा अपने फैंस के दिल में जिंदा रहेंगे। आज एसडी बर्मन के जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनसे जुड़े कुछ मजेदार किस्से बताते हैं, जो शायद आपको नहीं पता होंगे।
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एसडी बर्मन
- फोटो : सोशल मीडिया
चप्पल को बचाए रखने की जबरदस्त तरकीब
बहुत कम लोगों को पता है कि, एसडी बर्मन को जितना अपने गानों से प्यार था, उतना ही उन्हें अपनी चप्पल या जूते से प्यार था। तभी तो जब-जब वह मंदिर जाते थे, तब-तब वह अपनी चप्पल को चोरी होने से बचाने के लिए काफी मेहनत करते थे। एसडी बर्मन अपनी चप्पल को चोरों से बचाए रखने के लिए अलग-अलग जगह रखते थे, जिसके बारे में खुद उन्होंने भी एक बार बताया था।
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एसडी बर्मन
- फोटो : सोशल मीडिया
एक बार जब एसडी बर्मन से उनके साथी ने दोनों चप्पल को अलग-अलग रखने की वजह के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि, आजकल मंदिर में चोरी की वारदात काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। इस पर उनके साथी ने पूछा कि, अगर चोर ने दिमाग लगाकर दोनों चप्पल निकाल ली तो? इस पर एसडी बर्मन ने कहा कि, अगर चोर मेरी चप्पल चोरी करने के लिए इतना मेहनत करता है, तो वह मेरी चप्पल को पाने का हकदार है। एसडी बर्मन का ये जवाब उनके साथी को हैरान करने वाला था।
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एसडी बर्मन
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एसडी बर्मन को फुटबॉल से था प्यार
अपने समय में एसडी बर्मन ने एक से एक बढ़ गाने कंपोज किए हैं। लेकिन कम लोग जानते हैं कि, सुरीली आवाज वाले एसडी बर्मन खेल में भी हमेशा आगे रहते थे। एसडी बर्मन को फुटबॉल काफी पसंद था। फुटबॉल से जुड़ा उनका एक किस्सा भी काफी मशहूर है। कहा जाता है कि, एक बार एसडी बर्मन मोहन बगान की टीम का समर्थन कर रहे थे, लेकिन उनकी टीम हार गई। तब उन्होंने गुरु दत्त से कहा था कि, वह आज खुशी वाले गाने नहीं बना सकते हैं, तो दुख वाले ही बनवा लो।
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साहिर लुधियानवी से अनबन
एसडी बर्मन और साहिर लुधियानवी के बीच का तनाव बॉलीवुड गलियारों में काफी लोकप्रिय है। जब गुरु दत्त फिल्म 'प्यासा' बना रहे थे, तब एसडी बर्मन और साहिर लुधियानवी के बीच मन-मुटाव हुआ था, क्योंकि वह दोनों फिल्म के गाने का क्रेडिट ज्यादा लेना चाहते थे। लेखिका सत्या सरन ने एसडी बर्मन की जिंदगी पर एक किताब लिखी है। उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, 'साहिर लुधियानवी और एसडी बर्मन के बीच मामला इतना बढ़ गया था कि, साहिर ने कहा कि, वह एसडी बर्मन से एक रूपये ज्यादा फीस लेना चाहते हैं। उनका मानना था कि, एसडी के गाने की लोकप्रियता में उनका बराबर का हाथ था। हालांकि, एसडी बर्मन ने शर्त मानने से इनकार कर दिया था, जिसका नतीजा ये हुआ कि, दोनों ने साथ में फिर कभी काम नहीं किया।'