सूरत से बंबई आकर थिएटर के जरिए अपनी अदाकारी की पहचान बनाने वाले हरिभाई जरीवाला आज जिंदा होते तो 81 साल के होते। अपने करियर के बेहतरीन दौर में महज 47 साल की उम्र में टूटा दिल लेकर दुनिया से चले गए हरिभाई जरीवाला उर्फ मशहूर अभिनेता संजीव कुमार पर क्या बीती, ये जानने के उनके चाहने वालों के हक को बताने आ रही है उन पर लिखी गई पहली आधिकारिक किताब, ‘संजीव कुमार’।
2 of 4
Sanjeev Kumar
- फोटो : amar ujala mumbai
संजीव कुमार की 6 नवंबर को बरसी है। उनके भतीजे उदय जरीवाला ने संजीव कुमार की यादों, किस्सों और एहसासों को लेखिका रीता गुप्ता के साथ मिलकर इस किताब की शक्ल दी है। संजीव कुमार की याद में बने फाउंडेशन के भी उदय मुखिया रहे हैं। वह कहते हैं, “संजीव अंकल की बायोग्राफी की अरसे से मांग रही है। जब रीता गुप्ता ने मुझसे इसके लिए संपर्क किया तो वाकई मुझे बहुत खुशी हुई। संजीव कुमार ने हम सबको बहुत जल्दी छोड़ दिया और फिल्मी दुनिया में उनकी दंतकथाएं हम आज भी लोगों से सुनते हैं। उनके निधन के आठ साल बाद तक फिल्म निर्माता उनकी फिल्में रिलीज करते रहे। दुनिया भर में फैले भारतीय उन्हें आज भी दमदार अदाकारी का प्रतीक मानते हैं।”
3 of 4
Sanjeev Kumar
- फोटो : amar ujala mumbai
संजीव कुमार की 34वीं बरसी पर जिस किताब का ऐलान किया जा रहा है, उसे उदय जरीवाला के साथ लिखने वाली रीता गुप्ता कहती हैं, “जब भी हिंदी सिनेमा में महान अभिनेताओं की गिनती शुरू होती है, संजीव कुमार का नाम सबसे पहले आता है। फिल्म इंडस्ट्री के मेरे तमाम दोस्त इस किताब को लेकर काफी उत्सुक रहे हैं। उनकी संवाद अदायगी के कायल लाखों लोग आज भी हैं। ये किताब इन यादों को ही समर्पित है।”
4 of 4
Sanjeev Kumar
- फोटो : amar ujala mumbai
रीता गुप्ता का ये भी मानना है कि संजीव कुमार की जीवनी पर कोई बायोपिक या वेब सीरीज भी बननी चाहिए। वह उन तमाम कलाकारों में अग्रणी रहे जिन्होंने बिना किसी फिल्मी पृष्ठभूमि के सिनेमा में शोहरत और कामयाबी हासिल की। उदय जरीवाला ने बताया कि ये किताब अगले एक साल में तैयार हो जाएगी और वह इसे संजीवकुमार की 35वीं बरसी पर रिलीज करने का इरादा रखते हैं।
पढ़ें: ट्विंकल खन्ना आखिर क्यों नहीं देखना चाहतीं अक्षय की ये फिल्म, अभिनेता ने बताई ये बड़ी वजह