काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान को 5 साल की सजा के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कोर्ट ने इसी मामले में सैफ अली खान, सोनाली बेन्द्रे, तब्बू और नीलम और एक स्थानीय निवासी दुष्यंत सिंह को ‘‘संदेह का लाभ’’ देते हुए बरी कर दिया। सलमान खान को कुछ और रातें जेल में बितानी पड़ सकती हैं। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि जो जज शनिवार को सलमान की जमानत याचिका पर सुनवाई करने वाले थे, राजस्थान हाई कोर्ट ने उनका ट्रांसफर कर दिया है।
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salman khan dinner
- फोटो : SELF
राजस्थान में एक साथ 87 जजों का ट्रांसफर कर दिया गया है। इन जजों की फेहरिस्त में काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान को 5 साल जेल की सजा देने वाले जज देव कुमार खत्री और जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे जज रवींद्र कुमार जोशी भी शामिल हैं। अब इस मामले की सुनवाई चंद्र कुमार सोनगरा करेंगे। देर रात यह बड़ा फेरबदल किया गया है। वहीं सलमान को 5 साल की सुनाने वाले जज चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट देवकुमार खत्री हैं।
गुरुवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देवकुमार खत्री ने सलमान को सजा सुनाते हुए कहा कि आरोपी एक लोकप्रिय अभिनेता है, जिसे लोग फॉलो करते हैं। लेकिन उसने अपने मजे के लिए शिकार किया। ऐसे में वह सजा में रियायत का हकदार नहीं है। बता दें कि जस्टिस देवकुमार ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि सलमान खान का पुराना रिकॉर्ड बहुत खराब है उनको सजा जरूर दी जाएगी। हिट एंड रन केस में भी कोर्ट ने 5 साल की सजा दी थी।
शुक्रवार को तमाम दलीलों के बाद भी सलमान के वकील उन्हें जोधपुर सेंशस कोर्ट से जमानत दिलाने में नाकाम रहे। शुक्रवार को जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले माना जा रहा था कि सलमान को जमानत मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन जज के तबादले से सलमान खान को कुछ और रातें जेल में बितानी पड़ सकती है।
क्या है मामला
मामला साल 1998 का है। उस दौरान फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की पूरी टीम शूटिंग के सिलसिले में जोधपुर में थी। सलमान खान और उनके साथियों पर 2 चिंकारा और 3 काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा था। सलमान पर आर्म्स एक्ट के तहत भी केस दर्ज हुआ था।