ऋषि कपूर का मुंबई के चंदनवाड़ी स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया है। 67 साल के ऋषि कपूर का गुरुवार सुबह 8:45 बजे निधन हो गया। बुधवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऋषि कपूर के बड़े भाई रणधीर कपूर ने बुधवार को कहा था, ''वह अस्पताल में हैं और कैंसर से जूझ रहे हैं। उन्हें सांस लेने में दिक्क़त हो रही थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।''
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ऋषि कपूर
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले फरवरी महीने में भी ऋषि कपूर को दो बार अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था। कपूर परिवार की ओर से जारी किए गए एक बयान में कहा गया- ''हमारे प्यारे ऋषि कपूर का ल्यूकेमिया से दो साल से जारी जंग के बाद आज सुबह 8:45 बजे अस्पताल में निधन हो गया। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का कहना है कि आखिर तक उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की गई।''
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राजेश खन्ना, ऋषि कपूर
- फोटो : social media
कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए परिवार ने अपने बयान में उनके प्रशंसकों और चाहने वालों से अपील की कि कानून का पालन करें और सार्वजनिक रूप से जमा न हों। ऋषि कपूर दिग्गज अभिनेता राज कपूर के दूसरे बेटे थे। ऋषि कपूर के दो भाई रणधीर कपूर और राजीव कपूर हैं। इसके अलावा दो बहनें ऋतु नंदा, रिमा जैन हैं। ऋषि कपूर ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत 1973 में बॉबी फिल्म से की थी।
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दीपिका पादुकोण और ऋषि कपूर
- फोटो : सोशल मीडिया
इसके साथ ही वो बाल कलाकार के रूप में श्री 420 और मेरा नाम जोकर में भी दिखे थे। ऋषि कपूर ने आखिरी फिल्म इमरान हाशमी के साथ द बॉडी में काम किया था। ऋषि कपूर ने हाल ही में एलान किया था कि उनकी अगली फिल्म बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण के साथ होगी। ये फ़िल्म हॉलीवुड फिल्म द इंटर्न की हिंदी रीमेक होती।
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ऋषि कपूर के अंतिम दर्शन करतीं नीतू
- फोटो : सोशल मीडिया
बॉलीवुड के शोमैन कहे जाने वाले फिल्म अभिनेता और निर्देशक राज कपूर के बेटे ऋषि कपूर बीते दो सालों से कैंसर से जंग लड़ रहे थे। साल 2018 में ऋषि कपूर कैंसर का इलाज कराने के लिए न्यूयॉर्क गए थे। कई महीनों तक वहां पर इलाज कराने के बाद ऋषि कपूर ने 2019 में भारत वापसी की थी। लेकिन भारत वापस आने के बाद भी लगातार उन्हें अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। इससे पहले वे फ़रवरी महीने में दो बार अस्पताल में भर्ती हो चुके थे। ऋषि कपूर के अंतिम संस्कार में कुल 20 लोगों के शामिल होने की इजाजत थी। इसमें परिवार के सदस्यों के अलावा कुछ रिश्तेदार भी शामिल थे।