हिंदी सिनेमा की कालजयी फिल्मों में शुमार निर्देशक यश चोपड़ा की फिल्म वीर जारा ने अपनी रिलीज के 15 साल पूरे कर लिए हैं। 12 नवंबर 2004 को रिलीज हुई इस फिल्म को मुस्लिम सोशल फिल्मों में एक मिसाल माना जाता है और ये फिल्म हिंदी सिनेमा की उन चंद गिनी चुनी फिल्मों में शामिल है जिन्हें देखने मुस्लिम महिलाएं जत्था बनाकर आया करती थीं। इस फिल्म की 15वीं सालगिरह पर फिल्म के मुख्य कलाकारों में से एक रानी मुखर्जी ने निर्देशक यश चोपड़ा के साथ काम करने की अपनी यादें साझा की हैं। ये हिंदी सिनेमा की इकलौती फिल्म है जिसका पूरा का पूरा संगीत जमाने पहले बनी धुनों पर तैयार किया गया।
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veer zara
- फोटो : file photo
फिल्म वीर जारा की शूटिंग के दिनों की याद करते हुए रानी मुखर्जी कहती हैं, “वीर जारा के बारे में सोचते ही मेरे जेहन में दो यादें सबसे पहले उभरती हैं। पहली तो ये कि इस फिल्म की पूरी शूटिंग के दौरान ही मुझे एहसास हुआ कि यश चोपड़ा कितने आला दरजे के निर्देशक हैं। उनकी अपने हुनर पर उस्तादी का अंदाजा इसी बात से लगता है कि वह शूटिंग के वक्त कभी मॉनीटर में नहीं झांकते थे। वह लगातार सिनेमैटोग्राफर के पास खड़े रहते और वहीं से हमारे अभिनय को परखा करते। पूरे सीन को मॉनीटर की स्क्रीन पर देखे बिना ही वह शॉट वहीं खड़े खड़े ओके कर दिया करते थे। अपने हुनर पर ऐसा भरोसा और अपने कलाकारों को परखने की ऐसी कसौटी मैंने इससे पहले नहीं देखी थी।”
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Rani Mukerji
- फोटो : amar ujala mumbai
रानी मुखर्जी यूं तो इससे पहले भी फिल्म के हीरो शाहरुख खान के साथ काम कर चुकी थीं, लेकिन इस फिल्म में वह रूमानी जोड़ी के तौर पर नहीं थे। रानी बताती हैं, “मेरा किरदार फिल्म में शाहरुख के बुजुर्ग किरदार के साथ था और ये मेरे लिए बहुत मुश्किल होता था। मैंने हमेशा उनके साथ परदे पर रोमांस किया है और यहां वह मेरी तरफ एक बेटी जैसी नजर से देख रहे थे औऱ मुझे भी उनके किरदार में एक पिता तुल्य शख्सीयत को महसूस करते हुए अभिनय करना था। ये मेरे लिए बहुत मुश्किल रहा। हम दोनों जब भी सेट पर होते तो बहुत मस्ती करते, खूब हंसी ठट्ठा चलता हम दोनों के बीच और यश अंकल इससे खफा भी होते कई बार। वह कहते कि शॉट पर फोकस करो।”
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वीर जारा का पोस्टर
- फोटो : सोशल मीडिया
रानी बताती हैं कि फिल्म की शूटिंग पंजाब के उन इलाकों में हुई जहां से यश चोपड़ा को बहुत लगाव रहा। पंजाब उनकी जन्मभूमि रही है और वह वहां की मिट्टी से बहुत मोहब्बत करते थे। फिल्म में पंजाब का खाना हमने इतने चटखारे लेकर खाया कि कभी कभी तो यूं लगता था कि हम फिल्म की शूटिंग करने नहीं किसी फूड फेस्टिवल में हिस्सा लेने आए हैं।
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