बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेताओं में शुमार ऋषि कपूर ने हाल ही में दुनिया को अलविदा कह दिया था। ऋषि कपूर के निधन के बाद सोशल मीडिया पर फैंस के साथ ही साथ सितारों ने भी अभिनेता को श्रद्धांजलि दी। सितारों ने न सिर्फ ऋषि कपूर के निधन पर शोक जाहिर किया बल्कि साथ ही साथ अभिनेता से जुड़े किस्से भी साझा किए। वहीं इस बीच ऋषि कपूर की किताब 'खुल्लम खुल्ला' भी चर्चा में आ गई है, ऐसे में आपको बताते हैं किताब के उस हिस्से के बारे में जो रणबीर कपूर ने लिखा था।
बात करते हैं साल 2017 में छपी किताब 'खुल्लम खुल्ला' के प्राक्कथन की जिसको रणबीर कपूर ने लिखा था। प्राक्कथन में रणबीर ने लिखा था, 'आज मैं चौतीस वर्ष का हो चला हूं। जब मैं पिता के साथ आज अपने रिश्ते का विश्लेषण करता हूँ, तो मुझे लगता है कि उनका मुझे और मेरी बहन रिद्धिमा को दिया गया सबसे मूल्यवान उपहार यह है कि हम अपनी माँ को बिना शर्त एवं चू-चपड़ किए बिना, प्यार कर सकें। उन्होंने हमारे समक्ष एक मिसाल रखी जिससे हमें एहसास हो सका कि हमारी माँ ही हम सबके जीवन की, हमारे घर-परिवार की धुरी रही हैं। उनके रहते जीवन की किसी भी अनुकूल या प्रतिकूल परिस्थिति की आग में स्पर्श नहीं कर सकी क्योंकि उनका सम्बल हमारी स्थायी पूँजी था। वे हमारा सुरक्षा कवच हैं।'
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rishi kapoor and ranbir kapoor
रणबीर ने आगे लिखा था, 'उनका दिया दूसरा उपहार है, उनका मेरी माँ का एक अनुपम पति होना। सामान्य पतियों के समान, उन दोनों में भी परस्पर तकरार और झगड़े होते। वे रूठते और खीजते भी, पर वे मेरी माँ से सचमुच प्रगाढ़ प्रेम करते है। उन्होंने मेरी माँ को असीम आदर और प्यार दिया, उनका निरन्तर ध्यान रखा, उनकी परवाह की। हम भाई-बहन के लिए यह अत्यधिक महत्व रखता है।
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Rishi Kapoor, Neetu Kapoor, Ranbir Kapoor
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रणबीर इस दूसरे तोहफे के बारे में आगे लिखते हैं, 'हम देखते हैं कि वे एक-दूसरे के साथ किस प्रकार अटूट स्नेह सूत्र से जुड़े हैं। उनकी आपसी समझ, परस्पर बातचीत करने के तरीकों और व्यवहार ने हमें बचपन में ही प्यार, मानवीय व्यवहार और उसके महत्त्व का पाठ स्वत: ही सिखा दिया। उनके परस्पर प्यार और आदर की भावना से मैं इतना अभिभूत हूँ कि उसे शब्दों में अभिव्यक्त करना मेरे लिए असम्भव है।'
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Rishi Kapoor and Dimple Kapadia in film Bobby
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बात ऋषि कपूर की करें तो आपको बता दें कि अभिनेता ने हिंदी सिनेमा में अभिनय की शुरुआत फिल्म मेरा नाम जोकर से की थी। फिल्म का निर्देशन उनके पिता राज कपूर ने किया था। वहीं बतौर मुख्य कलाकार ऋषि पहली बार फिल्म बॉबी में नजर आए थे। इसके बाद ऋषि कपूर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और खेल खेल में, लैला मजनूं , हम किसी से कम नहीं, सरगम और कर्ज़ जैसी सुपरहिट फिल्में दीं।