प्रकाश राज का जन्म 26 मार्च 1965 को बैंगलोर के एक सामान्य परिवार में हुआ था। उनका असल नाम प्रकाश राय है। प्रकाश शुरू से ही पढ़ने में अच्छे थे। बचपन से ही उनमें सीखने की ललक थी। धीरे धीरे उनका रुझान अभिनय की तरफ हो गया और वह नुक्कड़ नाटक और थियेटर करने लगे। वक्त के साथ साथ उन्होंने काफी नाम कमाया। ग्रेजुएशन के बाद वह फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से मिलने लगें और उन्हें कन्नड़ टीवी सीरियल में काम मिल गया। इसके बाद उन्हें कुछ कन्नड़ फिल्मों में भी मौके मिलने लगा। उन्हें पहला बड़ा मौका मशहूर फिल्मकार के बालाचंदर ने दिया। बालाचंदर ने ही उन्हें अपना नाम बदलकर प्रकाश राज रखने के लिए कहा। प्रकाश को हिंदी फिल्म जगत में असल पहचान सलमान खान की फिल्म वांटेड से मिली। विभिन्न भाषाओं की फिल्मों में वह अब तक पांच राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके हैं। आज हम आपको साउथ और हिंदी फिल्मों में निभाए गए उनके कुछ बेहतरीन किरदारों के बारे में बताने जा रहे हैं।
'जयकांत शिक्रे' की ये है पूरी जन्मकुंडली, इन 10 फिल्मों में छुपा दक्षिण से उत्तर का सफरनामा
किरदार-तमीजसेलवन
फिल्म-इरुवर (1997)
साल 1997 में रिलीज हुई यह एक तमिल पॉलिटिकल ड्रामा फिल्म है। फिल्म का लेखन, निर्देशन और निर्माण मणिरत्नम ने किया था। इस फिल्म की पृष्ठभूमि तमिलनाडु के सिनेमा और राजनीति के समीकरण पर आधारित थी। फिल्म में मोहनलाल, ऐश्वर्या राय और प्रकाश राज मुख्य भूमिका में दिखे। इस फिल्म ने प्रकाश राज ने एक लेखक की भूमिका निभाई है। वह अपनी कविताओं के लिए काफी मशहूर होता है। इस फिल्म में प्रकाश राज ने भले ही सहायक अभिनेता की भूमिका निभाई लेकिन इस किरदार से ही सभी का दिल जीत लिया जिसके लिए उन्होंने सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किया।
किरदार- वेंकटम
फिल्म-कांचीवरम (2008)
साल 2008 में रिलीज हुई यह एक तमिल फिल्म है जिसका लेखन और निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है। इस फिल्म में प्रकाश राज और श्रेया रेड्डी मुख्य किरदार में हैं। इस फिल्म में प्रकाश राज एक पति और पिता के किरदार में नजर आए। फिल्म की कहानी आजादी के समय की पृष्ठभूमि के इर्द-गिर्द घूमती है। यह फिल्म लोगों द्वारा खूब पसंद की गई। इस फिल्म के लिए प्रकाश राज ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किया। इसके अलावा फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ तमिल अभिनेता पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का विजय अवॉर्ड प्राप्त किया।
किरदार- गनी भाई
फिल्म- वांटेड (2009)
इस फिल्म के द्वारा प्रकाश राज को हिंदी फिल्म जगत में पहचान मिली थी। फिल्म में उन्होंने एक खूंखार गैंगस्टर की भूमिका निभाई है जिसका नाम गनी भाई होता है। वह विदेश में रहकर मुंबई से अपना कारोबार चलाता था लेकिन सलमान खान अपनी योजना के तहत उसे वापस ले आते हैं। फिल्म में जहां पहले उन्होंने अपनी खास अदाकारी से लोगों को जमकर एंटरटेन किया वहीं जब वह मौत के मुंह में आते हैं तो वह अपनी कॉमेडी से भी लोगों को हंसने में मजबूर कर देते हैं। फिल्म में सलमान खान और प्रकाश राज की केमिस्ट्री लोगों को खूब पसंद आई।
किरदार- जयकांत शिक्रे
फिल्म-सिंघम (2011)
प्रकाश राज की यह फिल्म लोगों द्वारा खूब पसंद की गई। इस फिल्म में वह एक दबंग डॉन के किरदार में नजर आते हैं जिसकी पूरे शहर में तूती बोलती है। हालांकि उसका मुकाबला सिंघम (अजय देवगन) से पड़ जाता है। फिल्म की शुरुआती दौर में पहले अजय देवगन, प्रकाश राज पर भारी पड़ते हैं। फिर प्रकाश राज वापस अजय देवगन को दांतों चने चबवाते हैं। हालांकि अजय देवगन फिल्म के अंत तक फिर से पासा पलट देते हैं। फिल्म में वैसे तो प्रकाश राज विलेन के किरदार में हैं लेकिन उन्होंने अपनी अदाकारी से लोगों को हंसाया भी है। इस फिल्म को प्रकाश राज की सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म भी कहा जा सकता है।