सफलता का सपना लिए हर दिन एक नया चेहरा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपना भाग्य आजमाने आता है। कुछ को कामयाबी मिल भी जाती है, तो वहीं कुछ अधूरे सपने लिए भटकते रहते हैं तो कुछ वापस लौट जाते हैं। लेकिन इन सबमें कुछ ऐसे चेहरे होते हैं, जो दर्शकों के दिल-ओ-दिमाग पर अपनी एक अलग छाप छोड़ जाते हैं।
2 of 8
इफ्तेखार
- फोटो : Social media
इन्हीं में से एक हैं इफ्तेखार। इनके चाहने वालों के जहन में आज भी उनकी छवि पुलिस की वर्दी में जिंदा होगी। दरअसल, उन्होंने अपने पूरे फिल्मी करियर में पुलिस इंस्पेक्टर और कमिश्नर का रोल सबसे अधिक निभाया। पुलिस कमिश्नर की भूमिका संख्या में कुछ ज्यादा है। उनके फैंस जब भी उन्हें याद करते हैं, पुलिस वर्दी पहने पलती-दुबली काठी वाले इफ्तेखार की तस्वीर उनके दिमाग तरोताजा हो जाती है।
3 of 8
इफ्तेखार
- फोटो : Social media
इफ्तेखार का पूरा नाम सैयदना इफ्तेखार अहमद शरीफ था। उनका जन्म 22 फरवरी 1922 में ब्रिटिश भारत के पंजाब के जालंधर में हुआ था। वे अपने चार भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। उनका जन्म तो जलंधर में हुआ था, लेकिन बचपन उत्तरप्रदेश के कानपुर में गुजरा। वे पेंटिंग और गायिकी के बड़े शौकीन थे। इसलिए उन्होंने प्राथमिक शिक्षा के बाद लखनऊ आर्ट कॉलेज से पेंटिंग में डिप्लोमा किया था।
4 of 8
इफ्तेखार
- फोटो : Social media
इफ्तेखार को गाने का भी बड़ा शौक था। वे कुंदनलाल सहगल से बड़ा प्रभावित थे। जब वे 20 साल के हुए तो म्यूजिक कंपोजर कमलदास गुप्ता के एक ऑडिशन के लिए कलकत्ता चले गए थे। कमलदास उनसे प्रभावित हो गए और उन्हें एमपी प्रोडक्शन में अभिनय का मौका दे डाला। इफ्तेखार ने 1944 में फिल्म ‘तकरार’ से अपना डेब्यू किया था। यह फिल्म आर्ट फिल्म कोलकाता के बैनर तले बनी थी।
5 of 8
पत्नी हिना संग इफ्तेखार
- फोटो : Social media
बता दें कि बंटवारे के समय उनके ज्यादातर रिश्तेदार और दोस्त यहां तक कि माता-पिता भी पाकिस्तान चले गए थे, लेकिन उन्होंने भारत को चुना। हालांकि उन्हें पत्नी और बच्चियों को लेकर कलकत्ता छोड़ने के लिए दवाब बनाया गया। तब वे इनके साथ बॉम्बे चले गए थे। यहां पहुंचकर उन्होंने जी तोड़ संघर्ष किया।