पूरी दुनिया में काफी लम्बे समय से भूत प्रेत के अस्तित्व को लेकर बातचीत होती रही है। कुछ लोगों का मानना है कि अगर दुनिया में अच्छी शक्तियां हैं तो बुरी भी शक्तियां है। कलर्स चैनल पर प्रसारित होने जा रहे रहे धारावाहिक 'पिशाचिनी' में पिशाचिनी की भूमिका निभा रही न्यारा बनर्जी कहती हैं, 'बचपन में मुझे भूत प्रेत दिखाई देते थे, उनकी बातें भी मैं सुनती थी और डर जाती थी। जब इस बात का जिक्र मैं अपनी मम्मी से करती थी तो वह डांट कर चुप करा देती थी। मैंने एक शो 'दिव्य दृष्टि' किया था, जिसमे मैंने सना एक किरदार निभाया था। उसे भविष्य दिखता था, जैसा मैं भूत प्रेतों को देख सकती थी।'
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Nyra Banerjee
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
धारावाहिक 'पिशाचिनी' के बारे में बताने से पहले न्यारा बनर्जी अपने बचपन के बारे में बताती हैं। वह कहती हैं, मैं अपने घर के खिड़की पर बैठी रहती थी तो सामने मुझे बूढ़ी आत्माएं दिखती थी। जब मैं यह सब बातें मम्मी को बोलती थी, तो वो दो थप्पड़ मारकर मुझे भगा देती थीं। जब वो दो दिन के बाद न्यूज पेपर में आता था, तब मम्मी को ले जाकर दिखाती थी। हालांकि मेरी मम्मी आध्यात्मिक गुरु हैं वह सब बातों को समझती थी, लेकिन जब उनसे आत्माओं के बारे में बताती थी, तो पता नहीं क्यों मुझे थप्पड़ मार कर भगा देती थीं।'
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Nyra Banerjee
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिर एक दिन ऐसा कुछ हुआ कि न्यारा बनर्जी को ये सारे अनुभव होने बंद हो गए। न्यारा बताती हैं, 'यह उस समय की बात है जब मैं स्कूल में पढ़ रही थी और मुंबई में अंधेरी (पूर्व ) में रहती थी। स्कूल खत्म होने के बाद जब मैंने कॉलेज में दाखिला लिया तो अपने एक दोस्त के साथ बाइक से किसी काम से बांद्रा गयी थी और मेरा एक्सीडेंट हो गया और मेरे आंख के ऊपर काफी चोट लग गई। चोट तो ठीक हो गई, लेकिन उसके बाद मैंने फिर कभी किसी आत्मा को नहीं देखा। जब मैंने मम्मी को बताया तो उन्होंने कहा कि चोट लगने की वजह से मैंने अपनी वह शक्ति खो दी है। 'पिशाचिनी' की शूटिंग जब हिमाचल प्रदेश के चहल पैलेस में चल रही थी तो वहां भी लोगों से भूत प्रेत के बारे में काफी सुना लेकिन फिर मेरे साथ ऐसा कोई अनुभव नहीं हुआ।
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Nyra Banerjee
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
न्यारा बनर्जी की मां नंदिता बनर्जी कंटेंट राइटर हैं। पापा अरुनाय बंदोपाध्याय नेवी में कमांडर थे। जो अब इस दुनिया नहीं रहे। न्यारा कहती हैं, 'मेरे घर में डॉक्टर, सीए, नेवी और आर्मी में ज्यादातर लोग हैं। मेरे दादा नवल चक्रवर्ती कुष्ठ रोग के डॉक्टर थे। उन्होंने कुष्ठ रोगियों के लिए काफी काम किया है। बस घर में कोई कोई वकील नहीं था तो मैंने सोचा मैं वकील बनूंगी। लेकिन बाद में एक्टिंग में इतना मजा आने लगा कि वकील बनना भूल गई।'