सोमवार की रात केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने अक्षय कुमार, पंकज त्रिपाठी अभिनीत फिल्म ‘ओ माय गॉड 2’ यानी ‘ओएमजी 2’ को सिर्फ वयस्कों के लिए प्रमाण पत्र के साथ सार्वजनिक प्रदर्शन की अनुमति देने की सूचना अपनी वेबसाइट पर साझा की। मंगलवार की सुबह से हर तरफ यही चर्चा है कि फिल्म को बिना किसी कट के ए सर्टिफिकेट के साथ पास कर दिया गया है। लेकिन, हकीकत ये है कि जो फिल्म सेंसर ने पास की है, वह पूरी तरह से बदली हुई फिल्म है और मूल फिल्म से लेकर पास हुई फिल्म तक आने में इसके मेकर्स ने करीब दो दर्जन से ज्यादा बदलाव किए हैं।
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ओएमजी 2
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म ‘ओएमजी 2’ को लेकर सेंसर बोर्ड और इसके मेकर्स में बीते दो हफ्ते से खींचतान जारी है। कहा जा रहा था कि फिल्म के निर्माता अपनी इस फिल्म मे किसी तरह के बदलाव के खिलाफ हैं और फिल्म की पुनरीक्षण समिति द्वारा सुझाए गए बदलावों को मानने के लिए कतई तैयार नहीं हैं। लेकिन, धीरे धीरे इसकी सच्चाई सामने आ रही है। सेंसर बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक फिल्म में करीब 27 बदलाव किए गए हैं और अब फिल्म में अक्षय कुमार ईश्वर के रूप में नहीं बल्कि उनके दूत के रूप में नजर आएंगे।
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अक्षय कुमार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अक्षय कुमार और पंकज त्रिपाठी अभिनीत इस फिल्म में दोनों के किरदारों के बीच अभी तक भगवान और भक्त का संबंध बताया जा रहा था, अब इन दोनों का रिश्ता देवदूत और ईश्वर भक्त का होने जा रहा है। फिल्म में नागा साधुओं के सामने से दिखाए गए नग्न दृश्य भी हटाए जाने की खबर और इनकी जगह नागाओं के दूसरे दृश्य डाले गए हैं।
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पंकज त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म ‘ओएमजी 2’ की कहानी के मुताबिक भगवान के भजन गाने वाले एक भक्त के बेटे को स्कूल से अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते निकाल दिया जाता है। उसकी ईश्वर में आस्था टूटे इसके पहले ही उसके जीवन में अलौकिक बदलाव आते हैं और उसका जीवन फिर से पटरी पर आ जाता है। इस कहानी को सेंसर बोर्ड के मुताबिक दिखाने के लिए कुल फिल्म के करीब 13 मिनट के दृश्यों में बदलाव किए गए हैं। फिल्म की कुल लंबाई अब 156 मिनट यानी दो घंटे 36 मिनट रहेगी।
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ओएमजी 2 में हुए बदलावों की सूची
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
11 अगस्त को रिलीज होने जा रही फिल्म ‘ओएमजी 2’ में तमाम बदलाव इसके संवादों को लेकर किए जाने की बात सामने आ रही है। फिल्म में शराब, विष, महिलाओं आदि के संदर्भ में बोले गए संवाद बदल दिए गए हैं। कंडोम के एक विज्ञापन का बोर्ड बदला गया है। उच्च न्यायालय के संदर्भ वाला हिस्सा भी बदल दिया गया।
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