बॉलीवुड की पहली सुपर स्टार अभिनेत्री श्रीदेवी की दुबई के होटल में मौत की खबर के बाद से ही उनके दाह संस्कार की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई थी। 25 फरवरी की रात उनका शव मुंबई आने की चर्चा थी।
इसके मद्देनजर पवनहंस श्मशान भूमि में तीन दिन तक किसी भी शव के दाह संस्कार पर रोक लगा दी गई थी। इसके चलते चार शव अंधेरी के पारसीवाडा श्मशान भूमि में स्थानांतरित कर दिए गए थे। अब इसको लेकर सवाल उठाए जाने लगे हैं।
दरअसल, जुहू पुलिस कोई जोखिम नही उठाना चाहती थी। इसलिए किसी अन्य शव के दाह संस्कार की अनुमति ही नही दी। वॉच डॉग फाउंडेशन के निकोलस अल्मेडा ने पारसी वाडा श्मशान से डेथ रजिस्टर कारकून (डीआरके) में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर यह खुलासा किया है।
निकोलस अल्मेडा का कहना है कि जुहू पुलिस ने 26 फरवरी से लेकर 28 फरवरी तक पवनहंस श्मशान भूमि में किसी के भी दाह संस्कार पर रोक लगा दी थी। 26 फरवरी को ही तीन शवों को पवनहंस श्मशान भूमि में लाया गया था लेकिन उसका दाह संस्कार नही करने दिया गया।
इन शवों को पारसी वाडा श्मशान भूमि में भेज दिया गया। वहीं, 28 फरवरी को भी एक शव के दाह संस्कार की अनुमति नही दी गई। इसके चलते शव का दाह संस्कार पारसी वाडा श्मशान भूमि में हुआ।