सिनेमा की दुनिया में कई ऐसे परिवार हैं, जो पीढ़ियों से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। इनमें रोशन परिवार भी एक है। जल्द ही इस परिवार के सदस्यों पर बनी डॉक्यूमेंट्री 'द रोशन्स' रिलीज हो रही है। इसे नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया जाएगा। इसमें संगीतकार रोशन, उनके दोनों बेटों राकेश रोशन-राजेश रोशन और पोते ऋतिक रोशन सहित परिवार के अन्य सदस्यों के बारे में कई दिलचस्प बातें दर्शकों को देखने को मिलेंगी। इससे डॉक्यू सीरीज की रिलीज से पहले चलिए जानते हैं राकेश रोशन के बारे में...
Rakesh Roshan: बतौर एक्टर आगाज, फिर निर्देशन में जमाए पैर, ऋतिक के पापा ने दर्शकों को दीं धमाकेदार फिल्में
The Roshans: नेटिफ्लिक्स पर जल्द ही 'द रोशन्स' डॉक्यूमेंट्री रिलीज होने वाली है। इसमें दर्शकों को रोशन परिवार के सदस्यों के बारे में करीब से जानने को मिलेगा। इस परिवार के मुख्य आधार राकेश रोशन के बारे में आपको बताते हैं।
संगीतकार रोशन के घर हुआ जन्म, अभिनय की दुनिया में रखे कदम
राकेश रोशन ने बतौर अभिनेता और निर्माता-निर्देशक इंडस्ट्री में पहचान बनाई है। उनका जन्म 6 सितंबर 1949 को रोशन लाल नागरथ के घर हुआ, जिन्हें संगीतकार रोशन के नाम से जाना जाता है। राकेश रोशन ने अभिनय की दुनिया में बतौर एक्टर कदम रखे। फिर उन्होंने निर्देशन की दुनिया का रुख किया और यहां वे छा गए। अभिनेता से निर्देशक बनने का राकेश रोशन का सफर काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने 1970 के दशक में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। राकेश रोशन घर घर की कहानी, पराया धन, आंख मिचोली, खूबसूरत, एक कुंवारी एक कुंवारा, मन मंदिर और खेल खेल में समेत कई फिल्मों में एक के बाद एक काम करते गए।
निर्देशन की दुनिया का किया रुख और छा गए
फिर आया 80 का दशक और राकेश रोशन ने निर्देशन में किस्मत आजमाने की शुरुआत की। निर्देशक की कुर्सी पर बैठने के बाद उन्होंने जो कमाल दिखाया तो सिनेमा के दीवाने उनके कायल हो गए। राकेश रोशन ने साल 1987 में बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म 'खुदगर्ज' का निर्देशन किया था। इसके बाद उन्होंने 'किंग अंकल', करण अर्जुन और कोयला जैसी फिल्मों के जरिए बॉलीवुड को हिट फिल्में देना शुरू कर दिया। साल 2000 में उन्होंने 'कहो ना प्यार है' का निर्देशन किया और इसी फिल्म के जरिए अपने बेटे ऋतिक रोशन को इंडस्ट्री में लॉन्च किाय। 'कहो ना प्यार है' राकेश रोशन के करियर में मील का पत्थर साबित हुई।
साइंस फिक्शन शैली में भी आजमाया हाथ
राकेश रोशन की फिल्मों में प्यार, रोमांस, एक्शन और इमोशंस कूट-कूटकर भरे होते हैं और यही वजह है कि उनकी फिल्मों से दर्शक सीधे तौर पर जुड़े हैं। रोमांटिक, एक्शन फिल्मों के अलावा राकेश रोशन ने साइंस-फिक्शन शैली में भी हाथ आजमाया और निर्देशकों को ऐसी फिल्में बनाने के लिए प्रेरित भी किया। 2003 में रिलीज हुई 'कोई... मिल गया' ने दर्शकों को एक अलग किस्म के सिनेमा से रूबरू कराया, जिसमें इंसानी भावनाओं और विज्ञान की कल्पनाओं का अद्भुत मेल था। 2006 में राकेश ने एक बार फिर 'कृष' के जरिए भारतीय दर्शकों के सामने सुपरहीरो को पेश किया।
फैन की इस सलाह को आजमाया
उनकी फिल्मों में पारिवारिक संबंधों की मजबूत पकड़ देखने को मिलती है, जिससे दर्शक आसानी से जुड़ जाते हैं। इसके अलावा संगीत भी उनकी फिल्मों का एक खास पहलू होता है। राकेश रोशन को अपने काम के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (कोई मिल गया के लिए) भी मिल चुका है। राकेश रोशन से जुड़ी एक दिलचस्प बात ये है कि उनकी फिल्मों के नाम 'क' से शुरू होते हैं। जैसे- कहो ना प्यार है, कोई मिल गया, कोयला, कारोबार, खेल, किशन कन्हैया, कृष और कृष 3। रिपोर्ट्स के मुताबिक राकेश रोशन को इसकी सलाह उनके एक फैन ने दी थी, जिसे उन्होंने आजमाया। निजी जिंदगी की बात करें तो राकेश रोश की शादी 1970 में पिंकी रोशन से हुई। इनके बेटे ऋतिक रोशन को किसी परिचय की जरूरत नहीं। वहीं, बिटिया सुनैना रोशन पिता के प्रोडक्शन हाउस में काम करती हैं। इसके अलावा वे राइटर भी हैं।