14 सितंबर को देशभर में मातृभाषा हिंदी दिवस मनाया जाता है। हिंदी के घटते महत्व को लेकर कई बार चर्चाएं भी हुई हैं। लेकिन मामला ज्यों का त्यों ही रहा है। लेकिन ऐसे में बॉलीवुड में भी हिंदी की दुर्दशा को लेकर फिल्में बनती रही है। बात करेंगे उन 5 बॉलीवुड फिल्मों की जो हर हिंदूस्तानी को अपनी मातृभाषा के खातिर जरूर देखनी चाहिए..आइए जानते हैं आखिर कौन सी हैं ये फिल्में..
पहले बात करेंगे साल 1975 में आई फिल्म चुपके-चुपके की। यह एक कॉमेडी फिल्म हैं जो मातृभाषा हिंदी के इर्द-गिर्द ही घूमती है। फिल्म में धर्मेंद्र, शर्मिला टैगोर, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और ओम प्रकाश मुख्य किरदार में नजर आए हैं।
बॉलीवुड में हिंदी भाषा के महत्व को शुरुआती दौर से समझाया जा रहा है। इस कड़ी में बात करेंगे साल 1979 में आई फिल्म 'गोलमाल' की। फिल्म ने लोगों के बीच खूब नाम कमाया और फिल्म में मुख्य किरदार में नजर आए अभिनेता अमोल पालेकर भी सफल साबित हुए। इस फिल्म में हिंदी की दुर्दशा और महत्व को बहुत ही बारिकी से समझाया गया है। फिल्म में उनके साथ उत्पल दत्त, बिन्दिया गोस्वामी, दीना पाठक, ओम प्रकाश, युनुस परवेज और।
बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार साल 2007 में फिल्म 'नमस्ते लंदन' में नजर आए। फिल्म में हिंदी सभ्यता और हिंदी समाज की कहानी को पेश करने वाले अक्षय कुमार ने फिल्म में फिरंगियों को करारा जवाब दिया। फिल्म में अक्षय ने हिंदी भाषा और सभ्यता को लेकर दुनिया में गर्व से सिर ऊंचा हो जाए ऐसा भाषण दिया था।
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'हिंदी मीडियम' के पोस्टर में इरफान खान और पाकिस्तनी एक्ट्रेस सबा कमर
पिछले साल मई 2017 में सिनेमाघरों में लगी फिल्म 'हिंदी मीडियम' में भी हिंदी भाषा पर बल दिया गया है। फिल्म में इरफान खान और पाकिस्तानी अभिनेत्री सबा कमर ने मुख्य किरदार निभाया है। फिल्म में इरफान खान कम पढ़े लिखे होते हैं और अपने बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाने के लिए इधर-उधर भटकते हैं। बता दें कि फिल्म में इरफान की अंग्रेजी भाषा पर पकड़ कम होती है। फिर भी उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में दाखिला दिलवा ही देते हैं।