हर साल देश में विभिन्न भाषाओं की कई फिल्में रिलीज की जाती है। इनमें से कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई करती हैं तो वहीं कुछ ऐसी भी होती हैं जो बुरी तरह फ्लॉप साबित होती है। हालांकि, हिंदी फिल्मों के लिए यह साल कुछ खास नहीं रहा। बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई लगभग सभी बॉलीवुड फिल्में अपने निराशाजनक प्रदर्शन की वजह से बुरी तरह पिट गई। ऐसे में फिल्मों के लगातार फ्लॉप होने की वजह से यह सवाल भी उठता है कि इतना नुकसान झेलने के बाद भी प्रोड्यूसर और फिल्म के कलाकारों पर कोई खास असर क्यों नहीं पड़ता है। बड़े बजट वाली कई फिल्में फ्लॉप होने के बाद भी प्रोड्यूसर के दिवालिया होने की कोई खबर सामने नहीं आती। आखिर यह फिल्में अपनी लागत कैसे पूरी करती है। इस रिपोर्ट में हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं।
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थिएटर्स में मिलने वाली खाने-पीने की चीजें
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फिल्मों को लेकर अक्सर यह माना जाता है कि उसके बिजनेस या कलेक्शन के आधार पर ही किसी फिल्म को हिट या फ्लॉप कहा जाता है। हालांकि बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से इतर फिल्म कई अन्य जगहों से भी कमाई करती हैं। बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने वाली फिल्में नॉन थिएट्रिकल, राइट्स डिजिटल राइट्स, म्यूजिक राइट्स और सेटेलाइट राइट्स के जरिए भी अपना इन्वेस्टमेंट रिकवर कर लेती है। इतना ही नहीं फिल्म रिलीज होने से पहले प्रोड्यूसर फिल्मों के राइट्स बेच कर भी अपना पैसा रिकवर कर लेते हैं।
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मनोरंजन का बदल रहा स्वरूप
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ज्यादातर लोगों का यही मानना है कि फिल्मों के फ्लॉप होने पर कलाकारों और प्रोड्यूसर का नुकसान होता है, लेकिन असल में कहानी इसके बिल्कुल विपरीत है। दरअसल, फिल्म की नाकामयाबी का खामियाजा प्रोड्यूसर नहीं बल्कि इसके डिस्ट्रीब्यूटर को झेलना पड़ता है। फिल्मों के फ्लॉप होने का सबसे ज्यादा असर सैटलाइट राइट्स, डिजिटल राइट्स खरीदने वाले और डिस्ट्रीब्यूटर पर पड़ता है। उदाहरण के लिए आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा के फ्लॉप होने का असर नुकसान वायकॉम 18 को झेलना पड़ रहा है।
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ऑरमैक्स ओटीटी ऑडियंस प्रोफाइलिंग रिपोर्ट 2022
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अन्य देशों में रिलीज होने के साथ ही बॉलीवुड फिल्में रीमेक राइट्स और सिंडिकेशन राइट से भी काफी मोटी रकम कमाती है। रिपोर्ट के मुताबिक बॉलीवुड फिल्में 50 से 60 फीसदी तक की कमाई बॉक्स ऑफिस से करती है। इसके बाद डिजिटल राइट्स के जरिए फिल्म 20 फीसदी की कमाई करती है। वहीं, म्यूजिक राइट्स से लगभग 7 से 10%, सैटेलाइट राइट्स से 10% और बाकी के दो से तीन प्रतिशत अन्य राइट्स के जरिए कमा लेती है, लेकिन अगर फिल्म हिट हो जाती है तो यह पूरा गणित बदल जाता है।
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अब स्लो इंटरनेट स्पीड में भी ले सकेंगे आप ओटीटी प्लेटफॉर्म का मजा
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शानदार बिजनेस करने की वजह से ना सिर्फ फिल्म के सैटेलाइट राइट्स बढ़ जाते हैं। इतना ही नहीं ओटीटी पर भी फिल्म की वैल्यू काफी ज्यादा हो जाती हैं। इन सभी कमाई के अलावा फिल्म को ब्रांड्स के जरिए भी काफी पैसा मिलता है। दरअसल, फिल्म की शुरुआत में नजर आने वाले ब्रांड्स या लोगो के लिए भी प्रोड्यूसर्स को अच्छी खासी रकम दी जाती है। इसके अलावा बीते कुछ सालों में ओटीटी भी एक बड़ा विकल्प बनकर उभरा है। बॉक्स ऑफिस पर कमाई करने के बाद ओटीटी राइट्स के जरिए भी फिल्म में काफी मोटी कमाई कर लेती है।