हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। ये दिन दुनिया की हर एक मां को समर्पित होता है, जो बिना किसी स्वार्थ के अपने बच्चों की जरूरतों का ख्याल रखती हैं और उन्हें दुलार करती हैं। वहीं अभिनेत्री और फिल्ममेकर पूजा भट्ट ने भी इस मौके पर अपना एक बयान दिया है जो वाकई एक बड़ा मुद्दा बन गया है और लोग सोचने पर मजबूर हो गए हैं।
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पूजा भट्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, एक इंटरव्यू के दौरान पूजा भट्ट ने बेबाकी से अपनी राय रखी है। पूजा ने फिल्मों में अब तक दिखाए जा रहे मां के किरदारों पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हाल ही में पूजा बॉम्बे बेगम्स नाम की वेब सीरीज में नजर आई थीं जो नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। इस सीरीज में उन्होंने एक मां का किरदार ही निभाया है लेकिन बिल्कुल अलग अंदाज में। अपने इसी किरदार का हवाला देते हुए पूजा ने अपनी बात रखी है।
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पूजा भट्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
पूजा कहती हैं, 'मुझे एक मां की भूमिका निभाना हमेशा बहुत अच्छा लगता है और बहुत खुशी भी मिलती है। जख्म और बॉम्बे बेगम्स दोनों में मां के रूप में महिलाओं की एक अलग ही भूमिका दर्शायी गई है। जहां तक बात मां के किरदार की होती है तो अब तक फिल्मों में हमने देखा कि एक मां ही बलिदान देती नजर आती है। लेकिन अब इसे बदलने की जरूरत है।'
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पूजा भट्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
पूजा आगे कहती हैं, 'स्क्रीन पर एक बेबस, लाचार मां की भूमिका में अब बदलाव आना चाहिए। हालांकि इस तरफ हमारे कदम धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं लेकिन अभी एक लंबा सफर तय करना बाकी है। जिससे लोगों के मन में बनी धारणा में भी बदलाव आ सके।'
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बॉम्बे बेगम्स
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
इसके आगे पूजा कहती हैं, 'फिल्मों में एक मां का किरदार केवल बलिदान के रूप में नहीं दिखाया जाना चाहिए जो कि अपने परिवार के लिए अपने सपने, अपनी ख्वाहिशें सब दांव पर लगा देती है। मैंने भी बॉम्बे बेगम्स में मां का किरदार निभाया लेकिन परिवार के साथ-साथ मैंने अपने सपनों को भी अहमियत दी।' बता दें कि पूजा ने बॉम्बे बेगम्स में रानी ईरानी जो कि एक मां है, का किरदार बखूबी निभाया था और दर्शकों का भी खूब प्यार मिला था।