‘फ्लाइंग सिख’ के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह का बीते साल कोरोना संक्रमण के चलते 18 जून को निधन हो गया था। मिल्खा सिंह के निधन से खेल जगत ही नहीं बॉलीवुड की हस्तियां भी शोक में डूब गई थीं। मिल्खा सिंह की कहानी को बड़े पर्दे पर बॉलीवुड अभिनेता फरहान अख्तर ने दर्शाया था। फरहान मिल्खा सिंह के किरदार में इस कदर तक ढल गए थे कि खुद मिल्खा सिंह भी उन्हें देख काफी इंप्रेस हो गए थे। मिल्खा सिंह ने फरहान का ट्रेनिंग में साथ देने के साथ ही उन्हें जिंदगी से जुड़ी कई अनमोल सीख भी दी, जो आज भी उनके साथ हैं। आज हम आपको उन्हीं बातों को बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप भी अपनी जिंदगी में अमल कर सकते हैं।
Milkha Singh: ऑनस्क्रीन ‘मिल्खा’ को ‘फ्लाइंग सिख’ ने सिखाया था जीवन जीने का पाठ, आप भी कर सकते हैं अमल
लाखों लोगों को किया प्रेरित
राकेश ओमप्रकाश मेहरा द्वारा निर्देशित फिल्म 'भाग मिल्खा भाग' 2013 में आई थी। इस फिल्म को देखकर मिल्खा सिंह को अपने संघर्ष के दिन याद आ गए और वह अपने आंसू नहीं रोक पाए थे। फरहान खुद को भाग्यशाली समझते हैं कि उन्हें मिल्खा सिंह के साथ इतना समय बिताने को मिला। फरहान का कहना था कि मिल्खा सिंह अपनी उपस्थिति से ही लाखों लोगों को प्रेरित कर देते थे। उन्होंने ही फिल्म में फरहान को अपना किरदार निभाने के लिए प्रेरित किया।
माफ करके आगे बढ़ना जरूरी
कुछ ठान लिया, तो उसे पूरा करो
मिल्खा सिंह ने फरहान को कई सीख दी थी, लेकिन सबसे अच्छी सीख थी कि अगर कुछ करने का जीवन में ठान लिया है तो उसे पूरा किए बिना हार नहीं मानते। मिल्खा सिंह के निधन के बाद फरहान ने कहा था, 'मुझे यकीन नहीं हो रहा कि आप इस दुनिया में नहीं रहे। शायद ये वही जिद्दी हिस्सा है, जो मैंने आपसे लिया है। वह हिस्सा जो एक बार किसी चीज तो ठान लेता है, तो उसे बिना पूरा किए हार नहीं मानता।'
बायोपिक के लिए तैयार नहीं थे मिल्खा सिंह
मिल्खा सिंह अपनी बायोपिक के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि कई वर्षों से लोग उन्हें फिल्म बनाने के लिए संपर्क कर रहे थे, लेकिन वह सबको मना कर देते थे। उनके बेटे जीव एक बार 'रंग दे बसंती' फिल्म देख रहे थे, जिसे देखकर उन्हें लगा कि उनके पिता पर फिल्म राकेश ओमप्रकाश मेहरा ही बना सकते हैं। इसके बाद ही उन्होंने अपने पिता मिल्खा सिंह को फिल्म के लिए मनाया था।