संजय दत्त की पत्नी और बॉलीवुड एक्ट्रेस मान्यता दत्त का जन्म 22 जुलाई 1978 को एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। पहले मान्यता का नाम दिलनवाज शेख था। मान्यता की परवरिश दुबई में हुई थी। मान्यता जब बॉलीवुड में आईं तो उन्होंने अपना नाम सारा खान रख लिया। फिल्म इंडस्ट्री में वो इसी नाम से पहचानी जाती थीं। प्रकाश झा की फिल्म में आइटम नंबर करने के बाद उन्होंने अपना बदलकर मान्यता रख लिया था।
मान्यता इस समय संजय दत्त प्रोडक्शन की सीईओ हैं। वो संजय का सारा काम संभालती हैं। संजय दत्त की बड़ी बेटी त्रिशाला का जन्म 1988 में हुआ था। इस लिहाज से त्रिशाला उम्र में मान्यता से केवल 10 साल छोटी हैं। मान्यता को पहली बार पहचान तब मिली जब उन्होंने फिल्म मेकर प्रकाश झा की फिल्म 'गंगाजल' में आइटम नंबर किया था। फिल्म के आइटम सॉन्ग 'अल्हड़ जवानी' में मान्यता ने जबरदस्त डांस परफॉर्मेंस दी थी।
मान्यता के पिता का दुबई में बिजनेस था। उनकी मौत के बाद घर संभालने की जिम्मेदारी मान्यता पर आ गईं। यहीं से उनके फिल्मी करियर पर ब्रेक लग गया था। वो अपने फैमिली बिजनेस पर ज्यादा फोकस करने लगी थीं। आगे की स्लाइड में जानें कैसे हुई थी संजय और मान्यता की पहली मुलाकात...
मान्यता एक सक्सेसफुल हीरोइन बनना चाहती थीं। लेकिन उन्हें कभी कोई बड़ी फिल्म ऑफर नहीं हुई। इसके चलते मान्यता ने B और C ग्रेड फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया। मान्यता को लगा था कि शायद प्रकाश झा की फिल्म में आइटम नंबर करने के बाद उनको फिल्में मिलना शुरू हो जाएंगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
मान्यता की किस्मत उस समय बदली जब संजय दत्त ने मान्यता की एक C ग्रेड फिल्म Lovers Like Us के राइट्स 20 लाख रुपए में खरीद लिए। इसी मीटिंग में पहली बार संजय दत्त और मान्यता की मुलाकात हुई। इस दौरान संजय दत्त एक जूनियर आर्टिस्ट नाडिया दुरानी को डेट कर रहे थे। मान्यता बिना किसी को बताए संजय दत्त से मिलने जाने लगीं। जब भी नाडिया शहर से बाहर होती थीं तब मान्यता संजय से मिलने उनके घर पहुंच जाती थीं। वो संजय दत्त को अक्सर अपने हाथों का बना खाना खिलाया करती थीं।