मनोज कुमार ने लहरें रेट्रो को दिए गए एक पुराने इंटरव्यू में अपने करियर से जुड़े कुछ अनसुने किस्से सुनाए थे। इन किस्सों में ही मनोज कुमार के शुरुआती संघर्ष, देश के प्रति कुछ करने की ललक और सिनेमा के लिए प्यार नजर आता है। जानिए, मनोज कुमार से जुड़े उन अनसुने किस्सों के बारे में।
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मनोज कुमार
- फोटो : एक्स (ट्विटर)
फिल्म ‘फैशन’ में बने भिखारी
मनोज कुमार बताते हैं कि हिंदी फिल्मों में हीरो बनने के लिए आए थे। लेकिन फिल्ममेकर लेखराज भाकड़ी, कुलदीप सहगल जिन्हें वह भाई साहब कहा करते थे, उन्होंने मनोज को फिल्म ‘फैशन(1957)’ में 90 साल के भिखारी का रोल दिया, उस समय अभिनेता की उम्र महज 19 साल थी। ऐसे में मनोज ने कुलदीप और लेखराज जी से पूछा कि आपने मेरे बारे में क्या सोचा है? इस पर उनका मनोज कुमार को जवाब था, ‘अभी तो तुम्हारा एक जूता भी नहीं घिसा है। यहां लोगों की उम्र निकल जाती है।’ इसके बाद मनोज कुमार ने ठान लिया कि अब तक हिंदी फिल्मों में नाम बनाना है, यही उम्र भर काम करना है।
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मनोज कुमार
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11 रुपये में लिखा फिल्म का एक सीन
मनोज कुमार जब हीरो बनने के लिए संघर्ष कर रहे थे उसी दौरान उन्हें अशोक कुमार यानी दादा मुनि की फिल्म का एक सीन लिखने का मौका मिला। इस सीन के लिए उन्हें 11 रुपये मिले थे। मनोज कुमार बताते हैं, ‘प्रोड्यूसर रोशन लाल मल्होत्रा ‘जमीन और आसमान’ नाम की फिल्म बना रहे थे, एक दिन वह स्टूडियो में परेशान बैठे थे। मैंने पूछा क्या हुआ मल्होत्रा साहब? वे बोले कि फिल्म के हीरो अशोक कुमार की डेट्स बड़ी मुश्किल से मिली हैं, लेकिन अब उन्हें फिल्म का एक सीन पसंद नहीं आ रहा है। इस पर मैंने कहा कि लाइए मैं इस सीन को दोबारा लिख देता हूं। मैंने सीन लिखा और ये अशोक कुमार जी को बहुत पसंद आया। प्रोड्यूसर रोशन लाल मल्होत्रा ने इसके लिए मुझे 11 रुपये दिए। इसके बाद मुझसे कई प्रोड्यूसर आकर फिल्मों के सीन लिखवाने लगे।’ राइटिंग करने के अलावा मनोज कुमार फिल्मों में हीरो बनने का प्रयास करते रहे, फिल्में करते रहे।
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मनोज कुमार
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डॉक्यूमेंट्री में काम करने के मिले 1000 रुपये
मनोज कुमार ने अपने करियर में कई ऐसी फिल्में बनाई जिसमें देशप्रेम की भावना नजर आईं। दर्शक ये फिल्में देखकर भाव-विभाेर हो जाते थे। ये देशप्रेम की भावना मनोज कुमार के मन में शुरुआत से रही। उन्होंने शुरुआती करियर में ही एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘गंगू तेली’ की, यह फिल्म खादी का प्रचार करने के लिए बनाई गई थी। इस फिल्म में काम करने के लिए उन्हें 1000 रुपये मिले थे।
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मनोज कुमार
- फोटो : साभार-@imdb.com
शादी के बाद रिलीज हुई फिल्म बनीं सिल्वर जुबली
मनोज कुमार जब 25 साल के हुए तो शशि गोस्वामी से प्रेम विवाह कर किया। शादी से पहले उन्होंने एक फिल्म ‘हरियाली और रास्ता(1962)’ खत्म की थी। इस फिल्म के लिए मनोज कुमार को 11 हजार रुपये साइनिंग अमाउंट मिला था। लेकिन यह फिल्म उनकी शादी के बाद रिलीज हुई। यह मनोज कुमार की पहली फिल्म थी, जो सिल्वर जुबली रही। ऐसे में मनोज कुमार की पत्नी अकसर कहा करती थीं कि उनके गुड लक के कारण ऐसा हुआ। मनोज कुमार भी मजाक में कहा कहते थे, ‘हां, मैं तो मजदूर आदमी हूं।’