लता मंगेशकर 28 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाती हैं । लता का जीवन उपलब्धियों से भरा पड़ा है। हालांकि सफलता की राह कभी आसान नहीं होती। लता जी को भी सुरों की महारानी बनने में किन-किन मुसीबतों और दौर से गुजरना पड़ा, ये हम आपको बताएंगे। आगे की स्लाइड्स में जानिए लता का पूरा जीवन।
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- फोटो : social media
लता मंगेशकर का जन्म इंदौर के मराठी परिवार में पंडित दीनदयाल मंगेशकर के घर हुआ। इनके पिता रंगमंच के कलाकार और गायक थे। इसलिए संगीत इन्हें विरासत में मिला। लता मंगेशकर का पहला नाम 'हेमा' था, मगर जन्म के 5 साल बाद माता-पिता ने इनका नाम 'लता' रख दिया था।
दीनानाथ ने लता को तब से संगीत सिखाना शुरू किया, जब वो पांच साल की थीं। उनके साथ उनकी बहनें आशा, ऊषा और मीना भी सीखा करतीं थीं। लता 'अमान अली खान साहिब' और बाद में 'अमानत खान' के साथ भी पढ़ीं। लता ने पांच साल की छोटी उम्र में पहली बार एक नाटक में अभिनय किया। शुरुआत जरूर अभिनय से हुई लेकिन लता की दिलचस्पी तो संगीत में ही थी।
14 वर्ष की उम्र में लता फिल्मों में हीरो या हीरोइन की बहन का रोल अदा किया करती थीं पर साथ ही उन्होंने संगीत की शिक्षा भी जारी रखी। लता महज एक दिन के लिए स्कूल गई थीं। इसकी वजह यह रही कि जब वह पहले दिन अपनी छोटी बहन आशा भोंसले को स्कूल लेकर गईं तो अध्यापक ने आशा भोसले को यह कहकर स्कूल से निकाल दिया कि उन्हें भी स्कूल की फीस देनी होगी।
बाद में लता ने निश्चय किया कि वह कभी स्कूल नहीं जाएंगी। हालांकि बाद में उन्हें न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी सहित छह विश्वविद्यालयों में मानक उपाधि से नवाजा गया। लता को अपने सिने करियर में मान-सम्मान बहुत मिला । वे फिल्म इंडस्ट्री की पहली महिला हैं जिन्हें भारत रत्न और दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्राप्त हुआ।