बॉलीवुड के गानों की बात हो और 90 के दशक के गाने ना हों ऐसा कैसे हो सकता है। मेलोडी के मामले में इन गानों का कोई जवाब नहीं है। आज भी जब ये गाने कहीं सुनने को मिलते हैं तो कदम अपने आप ही थिरकने लगते हैं। 90 के दशक में कुमार सानू, उदित नारायण और अलका याग्निक समेत कई ऐसे गायक हैं जो आजकल कम ही सुनने को मिलते हैं। तो चलिए आपको 90 के दशक के ऐसे ही 6 गायकों के बारे में बताते हैं।
कुमार सानू से लेकर अलका याग्निक तक, 90 के दशक में राज करते थे ये 6 गायक
कुमार सानू
90 के दशक में फिल्मों में रोमांटिक गानों का मतलब कुमार सानू होते थे। कुमार सानू ने बॉलीवुड की फिल्मों में अपनी आवाज से दर्शकों का दिल जीत लिया। उनके गीतों ने एक अलग जादू बिखेरा। फिल्म में चाहे कोई भी हीरो या हीरोइन हो अगर उनका गाना होता था तो समझो फिल्म हिट। उनके गानों को लोग आज भी गुनगुनाते नजर आते हैं। 'आशिकी', 'साजन', 'सड़क', '1942 ए लव स्टोरी' और 'परदेस' जैसी फिल्मों में कुमार सानू ने सुपरहिट गाने दिए।
उदित नारायण
90 के दशक की कई हिट फिल्मों को याद करें तो यह मानने में हमें जरा भी हिचकिचाहट नहीं होगी कि उनके हीरो दरअसल उदित नारायण थे। लोगों को मधुर गीत-संगीत के कारण फिल्में पसंद आती थीं। इन फिल्मों की रिपीट वैल्यू थी और दर्शक बार-बार ऐसी फिल्में इनके गीतों की वजह से देखते थे। 'दिल', 'आशिकी', 'फूल और कांटे', 'बेटा', 'चमत्कार' और 'जो जीता वो सिकंदर' जैसी फिल्में हैं जिनके हिट होने में उदित नारायण के गानों की भूमिका रही है।
अलका याग्निक
लता मंगेशकर और आशा भोसले के बाद जिस फीमेल गायिका के गाने सबसे ज्यादा पॉपुलर हुए, वो अलका याग्निक हैं। 90 के दशक में हर दूसरी बॉलीवुड फिल्म के गानों में अलका की आवाज सुनाई देती थी। कोई भी फिल्म अलका के गानों के बिना अधूरी लगती थी। अलका याग्निक ने 30 सालों तक बॉलीवुड को अपनी आवाज से सजाए रखा।
अनुराधा पौडवाल
बॉलीवुड में एक दौर ऐसा था जब अनुराधा पौडवाल की आवाज का हर कोई दीवाना था। टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार को अनुराधा की खोज माना जाता था। ऐसा कहा जाता है कि गुलशन कुमार उन्हें दूसरी लता मंगेशकर बनाना चाहते थे। साल 1973 में अमिताभ बच्चन और जया भादुड़ी की फिल्म 'अभिमान' से अनुराधा पौडवाल ने अपने करियर की शुरुआत की थी। अनुराधा को पहचान मिली साल 1976 में सुभाष घई की फिल्म 'कालीचरन' से। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।