बॉलीवुड की खूबसूरत अदाकारा रानी मुखर्जी का जन्म 21 मार्च 1978 को एक बंगाली परिवार में हुआ था। रानी ने अपने दम पर बॉलीवुड में अपना बड़ा मुकाम बनाया है। लेकिन उनकी आवाज को लेकर उनके लिए ये सब बिलकुल भी आसान नहीं था। आज हिंदी सिनेमा में रानी मुखर्जी को अपने दमदार अभिनय के साथ साथ अपनी आवाज के लिए भी जाना जाता हैं। हालांकि उनके शुरुआती दिनों में ऐसा कहा जाता था कि उनकी आवाज़ आदर्श अभिनत्रियों की तरह पतली नहीं है।
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Rani Mukerji
- फोटो : मुंबई टीम, अमर उजाला
रानी मुखर्जी ने 14 साल की उम्र से ही बंगाली फिल्मों में एक्टिंग शुरू कर दी थी। वहीं, रानी ने 16 साल की उम्र में बॉलीवुड में फिल्म 'राजा की आएगी बारात' से डेब्यू किया। इस फिल्म में रानी मुखर्जी की एक्टिंग को काफी पसंद किया गया, लेकिन यह फिल्म ज्यादा नहीं चल पाई। लेकिन इसके टाइटल ट्रैक में रानी मुखर्जी की एक्टिंग शाहरुख खान को पसंद आ गई थी। रानी मुखर्जी के स्ट्रगल के दिनों में करण जौहर, 'कुछ कुछ होता है' बना रहे थे।
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रानी मुखर्जी
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म 'कुछ कुछ होता है' के साथ-साथ रानी मुखर्जी विक्रम भट्ट की फिल्म 'गुलाम' में भी काम कर रही थी। रानी की पहली फिल्म में ही उनकी आवाज को डब किया गया था तो रानी से करण जौहर ने कहा था कि वो उनकी आवाज को डब नहीं करेंगे और उनकी ओरिजिनल आवाज का ही इस्तेमाल करेंगे।
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कुछ-कुछ होता है
- फोटो : सोशल मीडिया
फिल्म 'कुछ कुछ होता है' में रानी को शाहरुख और काजोल के साथ काम करना था, जो उस वक्त की सुपरहिट जोड़ी थी। कहा जाता है कि यही कारण था कि टीना के किरदार के लिए कोई अभिनेत्री राजी नहीं हो रही थी। रानी मुखर्जी ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि फिल्म को आठ अभिनेत्रियों ने करने से इनकार कर दिया था। सभी अभिनेत्रियों का मानना था कि दर्शक शाहरुख- काजोल को ही पसंद करेंगे।
तब शाहरुख खान को रानी मुखर्जी का ख्याल आया और उन्होंने निर्देशक करण जौहर को उनका नाम सुझाया। इस बारे में रानी ने बताया कि करण जौहर को उस रोल के लिए आठ अभिनेत्रियों ने मना कर दिया था इसलिए मैं उनकी आखिरी पसंद थी। मेरी मौत फिल्म के पहले सीन में ही करवा दी थी ताकि दर्शकों को लगे कि ये फिल्म में नहीं है। वही लास्ट में शाहरुख और काजोल की ही जोड़ी बनेगी। हालांकि यह करण का मास्टरस्ट्रोक था।'