इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके पहले मॉडलिंग और फिर एक्टिंग में कमाल दिखाने वालीं कृति सेनन हिंदी सिनेमा की नई जेनरेशन की अभिनेत्रियों की पहली कतार में अपनी पहली फिल्म हीरोपंती से ही शामिल रही हैं। सुशांत सिंह राजपूत से उनका अफेयर चला और दिनेश विजन जैसे प्रोड्यूसर उनके लिए डायरेक्टर तक बन गए। करियर की इसी लुकाछिपी पर उनसे ये खास बातचीत।
दिनेश विजन से रिश्तों पर पहली बार बोलीं कृति सेनन, कहा- 'वो तो मेरे...'
निजी और सार्वजनिक जिंदगी दोनों को एक साथ कैसे संभालती हैं ?
मुझे अपने फैंस से बातचीत और सोशल मीडिया पर जिंदगी का थोड़ा हिस्सा साझा करना पसंद है। मेरे फैंस जानना चाहते हैं कि मैं असल में कैसी हूं। मुझे क्या-क्या पसंद है तो उनके साथ खूब साझा करती हूं। पर निजी जिंदगी का कुछ हिस्सा मैं निजी ही रखती हूं। उस समय मैं सिर्फ अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ समय व्यतीत करती हूं।
नए लीग की अदाकाराओं में खुद को कहां देखती हैं ?
मैं किसी कतार में नहीं हूं। मैं अपनी खुद की जगह बनाना चाहती हूं। एक जैसा काम भी नहीं करना चाहती, अलग अलग शैलियों में काम करना चाहती हूं। मैं बस यही सोचती हूं कि जिस दिन डायरेक्टर्स और रायटर्स फिल्म लिखते वक्त मेरे बारे में सोचने लगेंगे, मैं सफल हो जाऊंगी।
प्रोड्यूसर दिनेश विजन आपकी फिल्म राब्ता के लिए डायरेक्टर बने, अपनी फिल्म स्त्री में आखिरी मौके पर आपका एक डांस नंबर भी डाला? उनको लेकर आपका क्या विजन है?
कुछ लोग होते हैं जिनके साथ काम करने में काफी आसानी होती है। मेरे पास बचपन से कोई बड़ा भाई नहीं था तो मैं दिनेश को एक बड़े भाई की तरह मानती हूं और वह मुझे अपनी बेटी की तरह। दिनेश के साथ काम करने में मेरा कोई स्वार्थ नहीं है।
फिल्म लुकाछिपी में आपका किरदार क्या है?
मेरे किरदार का नाम रश्मि है जो मथुरा के एक राजनैतिक रुढ़िवादी परिवार से है। दिल्ली में पढ़ाई के चलते वह खुली सोच की लड़की है। उसे जो सही लगता है। वह उसे करने में ज्यादा समय नहीं लगाती। लेकिन, उसके भीतर से मथुरा के संस्कार गए नहीं हैं। जब उसे लगता है कि उसने घरवालों को धोखा दिया है तो वह सबके गले लगकर रोती भी है।